• -विकासनगर में अपहरण के बाद हत्या का मामला गरमाया
  • – पुलिस पर किया पथराव,सीओ विकासनगर की गाड़ी के शीशे तोड़े
  • -बचाव में पुलिस ने किया लाठीचार्ज, पथराव, दागे आंसू गैस के गोले
 देवभूमि मीडिया ब्यूरो 
विकासनगर (देहरादून )। जीवनगढ़ निवासी मोती सिंह के अपहरण के हत्या का मामला काफी गरमा गया है। पुलिस द्वारा शनिवार को पूरे दिन शक्ति नहर में सर्च आपरेशन चलाने के बाद भी कामयाब नहीं हो सकी। शव ना मिलने से लोगों में रोष व्याप्त हो गया और हजारों की संख्या में लोग रविवार को डाकपत्थर चौक पर एकत्र होकर पुलिस के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन कर हत्यारों को फांसी दिए जाने की मांग करने लगे। भीड़ ने राष्ट्रीय राजमार्ग पर जाम लगा दिया था। उग्र लोगों ने विकासनगर के मुख्य बाजार की दुकाने बंद करा दी। बाद में उग्र लोगों की भीड़ पुलिस से भिड़ गई। भीड़ ने पुलिस पर पथराव कर डाला। बचाव में पुलिस ने लाठी चार्ज कर स्थिति को काबू में किया। पुलिस ने इस दौरान भीड़ को काबू करने के लिए आंसू गैस के गोले भी दागे। वहीं पुलिस ने भी भीड़ पर पथराव किया। लाठीचार्ज के बाद विकासनगर में कर्फ्यू जैसे हालात बन गए।
गौरतलब हो अपहरण के मामले में पकड़े गए दो आरोपियों से की गई पूछताछ के बाद पुलिस ने शनिवार को पूरे दिन शक्ति कैनाल में सर्च आपरेशन चलाया था। लेकिन पुलिस को कोई सफलता नहीं मिली। शव ना मिलने और आरोपीयों के एक संप्रदाय विशेष से होने के चलते शनिवार की रात को लोगों ने हंगामा करते हुए कोतवाली घेरी थी। शव के ना मिलने से आक्रोशित लोगों के हंगामे के बाद पुलिस प्रशासन हरकत में आ गया था। किसी तरह बीते रोज आलाधिकारियों ने भीड़ को शांत कर दिया था। लेकिन रविवार को हजारों की संख्या लोग शव न मिलने से नाराज डाकपत्थर चैक पर एकत्र हुए और पुलिस के खिलाफ नारेबाजी कर हत्यारों को फांसी दिए जाने की मांग कर राष्ट्रीय राजमार्ग पर जाम लगा दिया। इस दौरान भीड़ ने पूरे विकासनगर की दुकानें बंद करा दी। गुस्साई भीड़ ने पूरे विकासनगर बाजार में जुलूस निकाला और मुख्य बाजार बंद करा दिया। वापसी पर गुस्साई भीड़ डाकपत्थर चौक पहुंची और नवाबगढ़ की और जुलूस के रूप में जाने लगी।
आपको बताते चले दोनों आरोपी नवाबगढ़ के रहने वाले हैं। पुलिस बल ने लोगों की भीड़ को नवाबगढ़ की और जाने वाले रास्ते पर जाने से रोक दिया। तो लोगों की भीड़ ने पुलिस बल के साथ धक्का- मुक्की और गाली गलोज की। नोकझोंक के बीच तनाव की स्थिति बन गई। इसी बीच गुस्साई भीड़ ने पुलिस बल पर पथराव शुरू कर दिया। पथराव के दौरान सीओ विकासनगर की गाड़ी के शीशे टूट गए। पहले तो पुलिस बल और आलाध्किारियों ने संयम से काम लिया। जब भीड़ हिसंक हो गई तो बचाव में  पुलिस ने लाठीचार्ज कर हिंसक भीड़ को भगा दिया। कुछ लोगों को पुलिस ने गिरफ्तार  कर लिया। पथराव के बाद पुलिस ने सख्ती से पेश आते हुए साईड में खड़ी भीड़ और कुछ खुली दुकानों को बंद करा दिया। जिससे विकासनगर में कर्फ्यू जैसे हालात बन गए।
पुलिस ने जीवनगढ़ जाने वाले और डाकपत्थर जाने वाले व मुख्य बाजार को जाने वाले रास्ते पर फ्लैग मार्च किया। पुलिस बल को देख साइड में खड़ी तमाशबीन भीड़ तितर बितर होकर गलियों में  घुस गई। विकासनगर में समाचार लिखे जाने तक फिलहाल तनाव की स्थिति बनी हुई है। मामले की गंभीरता को देख सीओ सदर, सीओ विकासनगर, एसपी देहात सहित अधिकारी और आसपास के थानों की पुलिस स्थिति पर पूरी नजर रखे हुए है। 
एसडीआरएपफ और जलीय पुलिस ने शक्ति नहर सहित यूजेवीएनएल के ढकरानी इंटक में रविवार को संयुक्त अभियान चलाया। समाचार लिखे जाने तक संयुक्त टीम को शव नहीं मिल पाया। वहीं शक्ति नहर में शव की तलाश के लिए पानी कम कराया जा रहा है। 16 तारीख को अपहरण के बाद मोती सिंह की हत्या कर शव को शक्ति नहर में फैंक दिया था। मृतक के पिता की शिकायत पर पुलिस ने दो लोगों को गिरफ्तार करते हुए अपहरण का मुकदमा दर्ज किया था। मामला एक संप्रदाय विशेष होने के चलते पुलिस हर स्थिति पर नजर पैनी नजर रख रही है।





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