देहरादून : विकासनगर में एक युवक के अपहरण और हत्या के मामले और कार्रवाई की मांग को लेकर रविवार को हिंसा औऱ विरोध हुआ. जिसके बाद पुलिस ने लाठीचार्ज से भीड़ को खदेड़ा औऱ आंसू गैस के गोले छोड़ गए साथ ही इसके बाद जिलाधिकारी के आदेश पर धारा 144 लगाई गई. विकासनगर में स्थिति तनावपूर्ण है लेकिन पुलिस ने नियंत्रित कर रखा है. वहीं रविवार को पथराव और हिंसा मामले में पुलिस ने दस लोगों को गिरफ्तार किया है।

वहीं गिरफ्तार आरोपियों सहित सैंतीस लोगों के खिलाफ पुलिस ने विभिन्न आपराधिक धाराओं में मुकदमा दर्ज किया। जबकि कई अज्ञात लोग वांछित हैं। पुलिस ने गिरफ्तार आरोपियों को कोर्ट में पेश किया है। जहां से आरोपियों को न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेजा गया.

प्रशासन ने धारा 144 लगाई

वहीं आपको बता दें रविवार को जहां विकासनगर में हिंसा का माहौल रहा वहीं सोमवार को विकासनगर बाजार सहित आसपास के क्षेत्रों में माहौल शांतिपूर्ण रहा। व्यापारियों ने सुबह से ही अपनी दुकानें खोली और बाजार खुला रहा. कोई अनहोनी नहीं हुई.

हत्या की ये वजह आई सामने

मोती सिंह की हत्या के मामले में पुलिस हत्या का कारण नशे के लेनदेन  को लेकर विवाद बता रही है। जिसमें हत्यारोपी दोनों युवक और मृतक को नशे का आदि बताया जा रहा है। जिसमें नशे के सामान के लेनदेन को लेकर तीनों के बीच मारपीट हुई। जिसमें मोती सिंह की आरोपियों ने मिलकर हत्या कर दी।  पुलिस के अनुसार मृतक मोती सिंह नशे का आदि था। जिसके चक्कर में उसकी हत्यारे नदीम पुत्र नसीम और एहसान पुत्र इकलाख निवासी नवाबगढ़ से दोस्ती हो गयी। हत्यारोपी दोनों नशे के आदि हैं और नशे का कारोबार करते हैं। जिसमें सोलह जनवरी को जब मोती सिंह बावर पेंटर की दुकान पर गया तो वहां दोनों पहुंच गये।  दोनों मोतीसिंह की कार में बैठकर उसके साथ निकल गये। जहां तीनों ने पहले स्मैक का नशा किया।

जिसके बाद नशे के पैसों को लेकर तीनों के बीच बहस शुरू हो गयी। जिसमें तीनों के बीच झगड़ा हो गया। जिसमें नदीम और ऐहसान ने मोती सिंह के सिर पर ईंट से वार कर दिया। जिसमें मोती सिंह की मौत हो गयी। उसके बाद दोनों आरोपियों ने मोती सिंह के शव को कार में डालकर शक्ति नहर में फेंक दिया।





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