उधम सिंह नगर : उत्तराखंड में कई जिलों नें झोलाछाप डॉक्टर अपनी दुकान खोलें हैं…जो की इलाज के नाम पर लोगों की जान तक ले रहे हैं…लेकिन इन पर किसी की नजर नहीं जा रही है. राज्य में मुन्नाभाई एमबीबीएस का बोल बाला है जो कि जिले में बेखौफ होकर बिना किसी डर खौफ के अपने कारोबार को अंजाम देने से पीछे नहीं हैं। स्वास्थ्य महक़मा बैखोफ होकर मदारी का तमाशा देख रहा है। हाई कोर्ट के आदेशों के बाद भी स्वास्थ्य महक़मा किसी भी प्रकार की कोई कार्यवाही नहीं कर पा रहा है जिसका खामियाजा जनता को भुगतना पड़ रहा है.

जच्चा और बच्चा की प्रसव के दौरान मौत

जी हां ताजा मामला है कोतवाली बाजपुर का जहां पर एक जीवनदीप नामक हॉस्पिटल में जच्चा और बच्चा की प्रसव के दौरान मौत हो गयी. सूचना पर पुलिस ने दोनों शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया.

स्पताल छोड़कर भाग निकला स्टाफ 

नगर के मुख्यमार्ग पर स्थित जीवनदीप अस्पताल में एक महिला की प्रसव के दौरान अधिक रक्तस्राव हो जाने से मौत हो गई। वहीं स्टाफ भी अस्पताल छोड़कर भाग निकला. ग्राम बांसखेड़ा निवासी लक्ष्मी (27) पत्नी अशोक कुमार को प्रसव पीड़ा होने पर जीवनदीप अस्पताल में भर्ती कराया गया। मृतक लक्ष्मी का उपचार सरकारी अस्पताल में चल रहा था। लगभग दस माह का गर्भ होने पर परिचित एक आशा के माध्यम से लक्ष्मी को यहां भर्ती कराया।

अधिक रक्तस्त्राव के चलते महिला की बिगड़ी हालत 

आरोप है कि चिकित्सक ने कुछ समय साधारण डिलीवरी के लिए इंतजार करने की सलाह दी जिसके चलते चिकित्सक ने शुक्रवार को नार्मल डिलीवरी करा दी, लेकिन शिशु की मौत हो चुकी थी। अधिक रक्तस्त्राव के चलते महिला की भी हालत बिगड़ गई जिससे अस्पताल प्रशासन के हाथ-पांव फूल गए। बाद में चिकित्सक लक्ष्मी को काशीपुर स्थित एक अस्पताल में ले गए, लेकिन चिकित्सकों द्वारा मना करने पर उसे एक बड़े अस्पताल में ले जाया गया जहां पर डॉक्टर ने महिला को मृत घोषित कर दिया। इसी बीच जानकारी मिलने पर पुलिस भी पहुंच गई, लेकिन तब तक अस्पताल का पूरा स्टॉफ वहां से फरार हो चुका था। पुलिस ने शव कब्जे में लेकर पंचनामा भरने की कार्रवाई शुरू कर दी है।





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