देहरादून : बीजेपी के पूर्व संगठन महामंत्री संजय कुमार पर लगे दुष्कर्म के आरोप मामले ने एक बार फिर तूल पक़ड़ लिया है. जी हां बीजेपी कार्यकर्ता द्वारा लगाए गए यौन शोषण के आरोप के बाद जहां संगठन ने उन्हे पार्टी से बाहर कर दिया था वहीं अब भी बीजेपी की मुश्किलें कम होती नहीं दिख रही है. क्यों कि पार्टी में महिलाओं के साथ हुआ ओछी हरकत के बाद जहां पूर्व संगठन महामंत्री के साथ महानगर अध्यक्ष विनय गोयल भी लपेटे में आए तो वहीं भाजपा प्रदेश अध्यक्ष की चुप्पी सबको खटकी.

पुलिस ने की अपनी जांच शुरू

वहीं पीड़िता के बयान दर्ज होने के बाद पुलिस ने अपनी जांच शुरू कर दी है. मामले की जांच कर रही एसपी देहात सरिता डोभाल का कहना है कि फिलहाल पीड़िता से प्रारम्भिक पूछताछ करने के बाद ही जांच आगे बढ़ायी जाएगी. एसपी के मुताबिक पीड़ित महिला को बातचीत के लिए सूचना दे दी गई है. पुलिस अब संजय कुमार के नाते-रिश्तेदारों और करीबियों से भी पूछताछ करने जा रही है.

वहीं दुष्कर्म के आरोपी भाजपा के पूर्व संगठन मंत्री संजय कुमार ने जांच में सहयोग करने के लिए एसएसपी को पत्र लिखा है।

दरअसल पीड़िता का कहना है कि संजय कुमार के कई जानकारों को भी इस मामले की जानकारी थी और उन्होंने इस मामले को रफ़ा-दफ़ा करने के लिए दबाव बनाया.

ये है मामला

बता दें बीजेपी की एक कार्यकर्ता ने संजय कुमार पर यौन शोषण के आरोप लगाए थे. पीड़िता ने यह भी कहा था कि संजय कुमार ने उनका वह फ़ोन भी छीन लिया था जिसमें उन्होंने रिकॉर्डिंग की थी. पीड़िता ने यह भी आरोप लगाया था कि संजय कुमार के परिचितों और पार्टी के नेताओं को भी इस मामले की जानकारी थी. एसपी देहात का कहना है कि पीड़िता से जिन लोगों के बारे में शिकायत मिलेगी उन सबको जांच के दायरे में लाया जाएगा. इसके साथ ही पीड़िता से पूछताछ के आधार पर आरोपी के खिलाफ जांच तय की जाएगी.

ई-मेल के जरिए दर्ज कराया था मुकदमा

पीड़िता ने 10 नंबर को पूर्व भाजपा संगठन मंत्री संजय कुमार के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराने के लिए एसएसपी निवेदिता कुकरेती को ई-मेल के जरिए तहरीर भेज थी। तहरीर पर एसएसपी ने 11 नंबर को एसपी देहात सरिता डोभाल को इस मामले की जांच सौंप दी थी।

गिरफ्तारी से बचने के लिए हाईकोर्ट में दाखिल की याचिका

बता दें कि पीड़िता की और से मुकदमा दर्ज कराने के बाद संजय कुमार ने हाईकोर्ट की शरण ली। संजय कुमार ने गिरफ्तार से बचने के लिए हाईकोर्ट में एक याचिका दायर की। संजय कुमार के अधिवक्ता आदित्य सिंह ने मीडिया को जनाकारी देते हुए बताया कि मामले की सुनवाई न्यायाधीश नारायण सिंह धानिक की एकलपीठ में हुई। कोर्ट ने उनकी गिरफ्तारी पर रोक लगा दी है और सरकार से चार सप्ताह में जवाब पेश करने को कहा है।





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