हल्द्वानी में क्रेशर स्वामियों और वाहन स्वामियों के बीच विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा है। दूसरे दिन भी गौला नदी के 7 हजार वाहन स्वामियों ने गौला नदी के सभी 11 गेंटो से खनन निकासी बंद रखी। उधर नंधौर नदी के ढाई हजार वाहन स्वामियों ने भी क्रेशरों की मनमानी के खिलाफ गौला नदी के वाहन स्वामियों को समर्थन देते हुए नंधौर नदी में भी खनन निकासी बंद कर दी है। इस दौरान वाहन स्वामियों ने एनएच की निर्माणदाई संस्था सदभाव कंपनी को दिए गए खनन निकासी गेट को भी जबरन बंद करा दिया। इस दौरान जमकर हंगामा भी हुआ।

पुलिस की मौजूदगी में सदभाव कंपनी के निकासी गेट बंद कराने के दौरान वाहन स्वामियों के बीच जमकर झड़प भी हुई। वाहन स्वामियों का कहना है कि क्रेशर स्वामीयो ने बिना वाहन स्वामियों को बताए 16 रुपए प्रति कुंटल ढुलान रेट कम कर दिया, जबकि क्रेशरो से बिकने वाले रेता बजरी का रेट कम नहीं किया गया है। वाहन स्वामियों ने क्रेशर स्वामियों द्वारा पुराने ढुलान रेट की दर भुगतान करने का आश्वासन न देने तक आंदोलन जारी रखने का ऐलान किया है।

वहीं प्रशासन का कहना है कि दोनों पक्षों से व्यगतिगत रूप से समझौता करने को कहा गया है। गौरतलब है कि गौला  और नंधौर नदी में खनन बंद होने से रोजाना सरकार को ढाई से तीन करोड़ के राजस्व का नुकसान हो रहा है, साथ ही क्रेशरो का करोड़ों का कारोबार भी प्रभावित हो रहा है।





0 comments:

Post a Comment

See More

 
Top