केंद्रीय वित्त मंत्री पीयूष गोयल ने अंतरिम बजट 2019-20 पेश करते हुए शुक्रवार को कहा कि 2014 से केंद्र द्वारा काले धन के विरुद्ध की गई कार्रवाई के फलस्वरूप 1,30,000 करोड़ रुपये की आय कर के दायरे में आई है. अर्थव्यवस्था से कालाधन हटाने की मोदी सरकार की प्रतिबद्धता जताते हुए, उन्होंने कहा कि काला धन (अघोषित विदेशी आय और संपत्ति) और कराधान अधिनियम, 2015 और भगोड़ा आर्थिक अपराधी अधिनियम, 2018 और नोटबंदी के निर्णय लिए गए, जिसके नतीजे दिखने लगे हैं.

गोयल ने कहा, बीते साढ़े चार वर्ष में सरकार द्वारा उठाए गए कदम से करीब 50,000 करोड़ रुपये की संपत्ति जब्त की गई. गोयल ने कहा, इस दौरान, 6900 करोड़ रुपये की बेनामी संपत्ति और 16,00 करोड़ रुपये की विदेशी संपत्ति भी जब्त की गई.

उन्होंने कहा, इसके अलावा 3,38,000 फर्जी कंपनियों की पहचान की गई और उन्हें गैर-पंजीकृत किया गया और इन कंपनियों के निदेशकों को अयोग्य ठहराया गया. इसके अलावा, गोयल ने कहा कि 2017-18 में प्रत्यक्ष कर में 18 प्रतिशत की वृद्धि हुई और कर आधार में 1.06 करोड़ का विस्तार हुआ, जिसमें वित्तीय वर्ष 2017-18 के दौरान एक करोड़ से ज्यादा टैक्स रिटर्न दाखिल किए गए.





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