नई दिल्ली से वाराणसी के बीच शुरू जल्द होने वाली वंदे भारत एक्सप्रेस या ट्रेन 18 में यात्रियों के लिए खाना लेना अनिवार्य होगा. यानी यात्री इसे विकल्प के तौर पर ‘चुन या हटा’ नहीं सकते हैं, जैसा कि शताब्दी, राजधानी और दुरंतो एक्सप्रेस में होता है. हालांकि आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि इस सेमी हाई स्पीड ट्रेन में प्रयागराज से वाराणसी तक की यात्रा करने वाले यात्रियों को टिकट बुक कराने के वक्त खाना लेने या नहीं लेने की सुविधा होगी.

वंदे भारत एक्सप्रेस में दो श्रेणी है. एक्जिक्यूटिव क्लास और चेयर कार. एक्जिक्यूटिव क्लास के लिए 399 और चेयर कार के लिए 349 रुपये भोजन के लिए देने होंगे. वाराणसी से नई दिल्ली की वापसी की यात्रा में यह चार्ज क्रमशः 349 और 288 रुपये होगा.

सूत्रों के अनुसार, यदि यात्री इलाहाबाद से वाराणसी की यात्रा की टिकट बुक कराने के दौरान खाने का विकल्प नहीं चुनते हैं और यात्रा के दौरान वे खाना लेना चाहते हैं तो उन्हें इसके लिए अतिरिक्त 50 रुपये चुकाने होंगे. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इस ट्रेन को 15 फरवरी को झंडी दिखाकर रवाना करेंगे. आईआरसीटीसी ने वर्ष 2017 में राजधानी, शताब्दी और दुरंतो में पैंट्री सेवा को वैकल्पिक कर दिया था.

यह कदम यात्रियों से ज्यादा शुल्क वसूलने और गुणवत्ता, मात्रा की समस्याओं पर नियंत्रण करने के लिए उठाया गया था. इससे यात्री किराये में 250 रुपये तक की कमी आई थी. वहीं, ट्रेन-18 के बारे में एक अधिकारी ने कहा कि स्टेशनों के बीच कैटरिंग शुल्क तय कर दिया गया है और यह सभी यात्रियों के टिकट शुल्क में जोड़ा जाएगा.

वंदे भारत एक्सप्रेस का किराया प्रीमियम ट्रेनों के मुकाबले अधिक होगा. ट्रेन 755 किलोमीटर की यात्रा में दो स्टेशनों कानपुर और प्रयागराज में रुकेगी. इस मार्ग पर यह सबसे ज्यादा तेज गति से चलने वाली ट्रेन होगी. यह यात्रा 8 घंटे में तय होगी. मौजूदा समय में सबसे तेज चलने वाली ट्रेन को यह दूरी तय करने में 11.30 घंटे लगते है.

8 घंटे में तय होगी यात्रा
ट्रेन 18 या वंदे भारत एक्सप्रेस का किराया प्रीमियम ट्रेनों के मुकाबले अधिक होगा. ट्रेन अपनी 755 किलोमीटर की यात्रा में दो स्टेशनों कानपुर और प्रयागराज में रूकेगी. इस मार्ग पर यह सबसे ज्यादा तेज गति से चलने वाली ट्रेन होगी. यह यात्रा 8 घंटे में तय होगी.





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