1- पांच लाख रुपये तक की व्यक्तिगत आय पूरी तरह से कर मुक्त होगी और विभिन्न निवेश उपायों के साथ 6.50 लाख रुपये तक की व्यक्तिगत आय पर कोई कर नहीं देना होगा। व्यक्तिगत कर छूट का दायरा बढ़ने से तीन करोड़ करदाताओं को 18,500 करोड़ रुपये तक का कर लाभ मिलेगा। वेतनभोगी तबके के लिए मानक कटौती को 40,000 से बढ़ाकर 50,000 रुपये किया गया।

2- सालाना 40,000 रुपये तक के ब्याज पर टीडीएस नहीं काटा जाएगा और किराये से होने वाली आय पर टीडीएस की सीमा 1.80 लाख करोड़ रुपये से बढ़ाकर 2.40 लाख करोड़ रुपये की गयी।

3- एकीकृत बाल विकास योजना के लिए 27,584 रुपये। केंद्र द्वारा वित्तपोषित योजनाओं के लिए 3,27,679 करोड़ रुपये आवंटित

4- 2018-19 के लिए राजकोषीय घाटा 3.3 प्रतिशत से बढ़कर 3.4 प्रतिशत रहने का अनुमान। किसान आय सहायता के चलते राजकोषीय घाटा बढ़ेगा।

5- चालू वित्त वर्ष के दौरान संशोधित व्यय 13.3 प्रतिशत बढ़कर 24,57,235 करोड़ रुपये रहने का अनुमान। अगले वित्त वर्ष 2019-20 के लिए इसके 27,84,200 करोड़ रुपये रहने का अनुमान।

6- भारतीय फिल्म निर्माताओं के लिए शुरू होगी एकल खिड़की मंजूरी व्यवस्था।

7- पिछले वर्ष जितने भी आयकर रिटर्न दाखिल हुए। उनमें 99.54 प्रतिशत रिटर्न फाइल करते ही बिना जांच के स्वीकृत किए गए। आयकर विभाग को ऑनलाइन किया गया। आयकरदाता/अधिकारी का आमना-सामना नहीं होगा।

8- राष्ट्रीय शिक्षा योजना के लिए आवंटन 32,334 करोड़ रुपये से बढ़कर 38,570 करोड़ रुपये किया गया’

9- अगले पांच साल में एक लाख डिजिटल गांव बनाए जाएंगे। पिछले पांच साल में 34 करोड़ जन-धन खाते खोले गए।

10- पूर्वोत्तर क्षेत्र का 2019-20 के लिए बजट आवंटन 21 प्रतिशत बढ़ाकर 58,166 करोड़ रुपये किया गया।

11- परिवहन क्षेत्र की क्रांति में ई-वाहनों के जरिए भारत करेगा विश्व का नेतृत्व। घटेगा प्रदूषण, देश की कच्चे तेल पर निर्भरता कम होगी और वह आत्मनिर्भर बनेगा।

12-भारत आज पूरी दुनिया के लिए अंतरिक्ष प्रक्षेपण का केंद्र बन गया है। गगनयान के साथ 2022 तक भारतीय यात्री अंतरिक्ष में पहुंचेगा।

13- कालाधन रोधी उपायों के चलते 3.38 लाख मुखौटा कंपनियों का पंजीकरण समाप्त किया गया। बेनामी कानून के तहत 6,900 करोड़ रुपये की घरेलू संपत्ति जब्त की गई जबकि 1,600 करोड़ रुपये की विदेशी संपत्ति जब्त की गई। सरकार के कालाधन रोधी उपायों और कदमों से 1,30,000 करोड़ रुपये की काला धन पकड़ा गया।

14- चालू वित्त वर्ष के दौरान औसत मासिक जीएसटी संग्रह 97,100 करोड़ रुपये रहा जबकि 2017-18 में यह 89,700 करोड़ रुपये पर थी। जनवरी 2019 में जीएसटी संग्रह एक लाख तीन हजार करोड़ रुपये के आसपास रहने का अनुमान। जीएसटी के तहत पांच करोड़ से कम का कारोबार करने वाले कारोबारियों को तीन महीने में एक बार ही रिटर्न भरना पड़ेगा।

15- नोटबंदी के बाद एक करोड़ से अधिक लोगों ने पहली बार रिटर्न भरा। नोटबंदी से कर आधार बढ़ा। अप्रत्यक्ष कर संग्रह 2013-14 के 6.38 लाख करोड़ रुपये से बढ़कर इस साल 12 लाख करोड़ रुपये हुआ।

16-पिछले 5 वर्षों में मोबइल डेटा खपत 50 गुना बढ़ी। भारत में मोबाइल डेटा की मूल्य दर विश्व में सबसे सस्ती दरों में से एक।

17- रेलवे की योजनाओं के लिए 2019-20 में आम बजट से 64,587 करोड़ रुपये आवंटित। वर्ष के दौरान रेलवे का कुल पूंजीगत खर्च 1,58,658 करोड़ रुपये होगा।

18-सरकारी उद्यमों की कुल खरीद में छोटे उद्यमों से आपूर्ति को बढ़ाकर 25 प्रतिशत किया गया। इसमें भी तीन प्रतिशत आपूर्ति महिला उद्यमियों के उद्यम से करने का नियम बनाया।

19- मेघालय, त्रिपुरा और मिजोरम पहली बार देश के रेलवे मानचित्र पर आए। सिक्किम हवाई अड्डा खुलने के बाद 100 से अधिक ऑपरेशनल हवाई अड्डे हो गए। घरेलू हवाई यात्रियों की संख्या 5 साल में दोगुनी हो गई।

20- ‘वन रैंक, वन पेंशन के तहत मौजूदा सरकार ने 35,000 करोड़ रुपये आवंटित किए।

21-रक्षा बजट पहली बार 2019-20 के लिए तीन लाख करोड़ रुपये से अधिक।

22- प्रधानमंत्री मुद्रा योजना के तहत 15.56 करोड़ लाभार्थियों को 7.23 लाख करोड़ रुपये का कर्ज दिया गया।

23-कर्मचारी राज्य बीमा निगम (ईएसआई) नियम के तहत पात्रता 15,000 से बढ़ाकर 21000 रुपये प्रतिमाह वेतन की गई।

24- राष्ट्रीय गोकुल योजना के लिए 2019-20 के बजट में 750 करोड़ रुपये का आवंटन और सभी किसानों को किसान क्रेडिट कार्ड दिया जाएगा।

25- श्रमिकों की न्यूनतम मासिक पेंशन 1,000 रुपये तक की गई और आंगनवाड़ी आशा कार्यकर्ताओं का मानदेय 50 प्रतिशत बढ़ाया गया।

26- प्रधानमंत्री श्रमयोगी मान धन योजना के लिए 500 करोड़ रुपये आवंटित। संगठित क्षेत्र के 15,000 रुपये प्रतिमाह कमाने वालों को 60 साल के बाद 3000 रुपये प्रति माह की पेंशन योजना दी जाएगी।

27- 75,000 करोड़ रुपये प्रधानमंत्री किसान योजना के लिए आवंटित और पिछले दो साल में कर्मचारी भविष्य निधि में सदस्यता में दो करोड़ की वृद्धि हुई है।

28-पशुपालन के लिए किसानों को कर्ज पर 2 प्रतिशत ब्याज सहायता देगी सरकार और किसानों का फसली कर्ज 2018-19 में 11 लाख 68 हजार करोड़ रुपये हो गया।

29- बैंक ऑफ इंडिया, बैंक ऑफ महाराष्ट्र और ओरिएंटल बैंक ऑफ कॉमर्स को पीसीए के प्रतिबंधों को हटाया गया। बाकी बैंक भी जल्द ही नियमित व्यवस्था में आ जाएंगे। 2.6 लाख के पुनर्पूंजीकरण से सरकारी बैंकों की स्थिति ठीक की गई।

30- प्रधानमंत्री किसान योजना में 2 लाख हेक्टेयर तक की जमीन वाले छोटे किसानों को 6,000 रुपये प्रति वर्ष मिलेंगे। तीन किस्तों में पैसे मिलेंगे। पहली किस्त जल्द मिलेगी।

31- 10 लाख लोगों का इलाज आयुष्मान भारत के तहत हुआ, लोगों को करीब 3000 करोड़ रुपये का लाभ मिला।

32- महात्मा गांधी की 150वीं जयंती पर हमारी सरकार ने 98 प्रतिशत ग्रामीण स्वच्छता हासिल की है। लोगों की सोच बदली है।

33-प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के लिए 2019-20 के बजट में 19,000 करोड़ रुपये का आवंटन।

34-मनरेगा के लिए 2019-20 में 60,000 करोड़ रुपये आवंटित किए जा रहे हैं।

35- मार्च 2019 तक सभी घरों को मिल जाएगी बिजली और पिछले पांच साल में एक करोड़ 53 लाख घर बनाए गए।





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