क्या एक बार फिर से सर्जिकल स्ट्राइक होगी. बताये मोदी सरकार, उरी में सितंबर 2016 में हुए आतंकी हमले के बाद कश्मीर में यह सुरक्षाबलों पर अब तक का सबसे बड़ा आतंकी हमला है. गृह मंत्री राजनाथ सिंह पर हमला पाकिस्तान समर्थित जैश ए मोहम्मद ने किया. एक मजबूत जवाब दिया जाएगा और मैं देश के लोगों को यह आश्वासन देता हूं. पुलवामा हमले में शहीद हुए वीर जवानों को देश श्रद्धांजलि देता है.

जम्मू एवं कश्मीर में 1989 में आतंकवाद के सिर उठाने के बाद से हुए सबसे भीषण आतंकी हमले में एक आत्मघाती हमलवार ने गुरुवार को पुलवामा जिले में श्रीनगर-जम्मू राजमार्ग पर अपनी विस्फोटकों से लदी एसयूवी केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) की बस से टकरा दी और उसमें विस्फोट कर दिया. इस आतंकी हमले में सीआरपीएफ के कम से कम 42 जवान शहीद हो गए और कई अन्य घायल हुए हैं. पाकिस्तान स्थित आतंकी समूह जैश-ए-मोहम्मद (जेईएम) ने इस भयावह आतंकी हमले की जिम्मेदारी ली है और आत्मघाती हमलावर का एक वीडियो जारी किया है जिसे हमले से पहले शूट किया गया था.

यह हमला श्रीनगर से करीब 30 किलोमीटर दूर लेथपोरा इलाके में हुआ. समूह ने कहा कि उसका एक कमांडर आदिल अहमद दार आत्मघाती हमलावर था. पुलिस सूत्रों और अन्य अधिकारियों ने कहा कि एसयूवी चला रहे आत्मघाती हमलावर ने अपरान्ह करीब सवा तीन बजे अपने वाहन से सीआरपीएफ की बस में टक्कर मारी, जिससे बहरा कर देने वाला विस्फोट हुआ. घटना उस वक्त की है, जब 78 वाहनों के काफिले में 2,547 सीआरपीएफ जवान जम्मू के ट्रांजिट शिविर से श्रीनगर की ओर जा रहे थे. शुरुआत में आठ जवानों के शहीद होने की खबर आई थी. लेकिन शहीदों की संख्या तेजी से बढ़ी क्योंकि जब अन्य सीआरपीएफ जवान निशाना बनाई गई बस के पास पहुंचे तो उन्होंने वहां केवल बस का मलबा पाया. बस में 39 जवानों के सवार होने की बात कही जा रही है.

सीआरपीएफ अधिकारियों ने कहा कि आतंकियों द्वारा मुख्य रूप से निशाना बनाई गई बस पूरी तरह से तबाह हो गई और अन्य सीआरपीएफ वाहनों को आंशिक नुकसान पहुंचा है. पुलिस के एक अधिकारी ने कहा, “इस पर विश्वास करना बहुत मुश्किल है कि बस में कोई जीवित बचा होगा.” जम्मू एवं कश्मीर पुलिस प्रमुख दिलबाग सिंह ने कहा कि यह एक आत्मघाती हमला हो सकता है. बाद में अधिकारियों ने इसकी पुष्टि की. खुद को जेईएम का प्रवक्ता बताने का दावा करने वाले एक व्यक्ति ने स्थानीय समाचार एजेंसी जीएनएस को दिए एक बयान में कहा कि यह संगठन द्वारा किया गया एक फिदायीन हमला था. सभी घायलों को श्रीनगर शहर के बादामीबाग छावनी स्थित सेना के 92 बेस अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जिनमें से कुछ की हालत गंभीर बताई जा रही है.

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी समेत तमाम दलों के नेताओं व समाज के अन्य लोगों ने इस बर्बर घटना की कड़ी निंदा की है. मोदी ने कहा, “यह हमला..घृणित है. मैं इस कायरतापूर्ण हमले की कड़े शब्दों में निंदा करता हूं. हमारे बहादुर सुरक्षा कर्मियों का त्याग व्यर्थ नहीं जाएगा. पूरा देश बहादुर शहीदों के परिवारों के साथ कंधे से कंधे मिलाकर खड़ा है.” शुक्रवार को बिहार के दौरे पर जाने वाले गृह मंत्री राजनाथ सिंह अब यहां जाने के बजाए श्रीनगर पहुंचने वाले हैं. गृह सचिव राजीव गौबा भूटान का अपना दौरा बीच में छोड़कर शुक्रवार को उच्च स्तरीय सुरक्षा बैठक के लिए श्रीनगर पहुंचेंगे.

राजनाथ सिंह ने कहा, “आज (गुरुवार) हुआ नृशंस हमला..बहुत ही दुखदायी और परेशान कर देने वाला है. मैं राष्ट्र की सेवा में अपनी जिंदगी का त्याग करने वाले प्रत्येक सीआरपीएफ जवान को नमन करता हूं.” श्रीनगर-जम्मू राजमार्ग पर सभी प्रकार के यातायात को रोक दिया गया है. वरिष्ठ पुलिस और सीआरपीएफ अधिकारी विस्फोट बाद विश्लेषण के लिए घटनास्थल पर पहुंच गए हैं. नेपाल के प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से बात की और पुलवामा हमले पर शोक, चिंता और निंदा व्यक्त की

एक अधिकारी ने कहा कि हमला किन हालात में हुआ, उसे समझने के लिए सीआरपीएफ और पुलिस एक विस्तृत जांच करेंगी. अधिकारियों ने कहा कि एक बार में इतनी बड़ी संख्या में सीआरपीएफ जवानों के स्थानांतरित होने के पीछे खराब मौसम के कारण पिछले दो दिनों से श्रीनगर-जम्मू राजमार्ग का बंद होना था. काफिला जम्मू से तड़के साढ़े तीन बजे निकला था.





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