देहरादून : एक के बाद एक उत्तराखंड से सेना में गए सैनिकों की मौत की खबर आ रही है…जिससे सैनिकों के परिवार में तो कोहराम मचा ही है साथ ही इन खबरों से प्रदेश की जनता भी बेहद दुखी है.

अभी हाल ही में चमोली निवासी रोहित की मौत की खबर ने प्रदेश को झकझोर दिया था जिसके बाद एक बाऱ फिर से एक सैनिक की मौत की खबर सामने आई है. जी हां कुमाऊं रेजिमेंट के जवान सुशील तिवारी (30) की पठानकोट में मौत हो गई है. बताया जा रहा है कि सैनिक की मौत करंट लगने से हुई है लेकिन अभी साफ कारणों का पता नहीं चल पाया है.

पत्नी बेसुध, बेटा आंगन में खेलने में व्यस्त

मौत की खबर से सुशील तिवारी के घर में कोहराम मच गया है….पत्नी बेसुध पड़ी है और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। आपको बता दें सैनिक सुशील का चार साल का बेटा है जो की LKG में पढ़ता है वो पिता की मौत की खबर से अंजान है और आंगन में खेलने में व्यस्त है.

अल्मोड़ा निवासी सुशील तिवारी छोड़ गए पत्नी औऱ 4 साल के बेटे को

मिली जानकारी के अनुसार अल्मोड़ा जिले के जागेश्वर के तोली गांव निवासी सुशील तिवारी (30) पुत्र नंदकिशोर तिवारी थलसेना की 19 कुमाऊं रेजीमेंट में नायक के पद पर थे। वर्तमान में उनकी तैनाती पंजाब में पठानकोट के पास थी। वे चार साल पहले ही नैनीताल के हल्दूचौड़ में बसे थे। यहां उन्होंने दुर्गापालपुर परमा गांव में मकान बनाया था। जिसमें उनकी पत्नी मीना तिवारी अपने चार साल के मासूम बेटे लक्ष्य के साथ रहती है. उनका बेटा सैनिक स्कूल में एलकेजी में पढ़ता है।

पार्थिव शरीर को पठानकोट से यहां दुर्गापालपुर परमा गांव में लाया जा रहा है।

ग्राम प्रधान संजय राणा के अनुसार सैनिक सुशील के पार्थिव शरीर को पठानकोट से यहां दुर्गापालपुर परमा गांव में लाया जा रहा है। उसके बाद यहा से सैनिक के पार्थिव शरीर को उनके पैतृक गांव ले जाया जाएगा। जहां जागेश्वर धाम के घाट पर सैनिक का अंतिम संस्कार सैन्य सम्मान के साथ किया जाएगा। सैनिक की मौत का असली कारण पता करने के लिए  एसडीएम एपी बाजपेई ने सैनिक की मौत के बारे  जिला सैनिक कल्याण अधिकारी और सेना से जानकारी मांगी गई है, जिसके बाद ही खुलासा होगा।





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