लक्सर : जम्मू के पुलवामा में गुरुवार को सीआरपीएफ जवानों पर हुए हमले से एक बार फिर 20 साल पहले हुए कंधार कांड की शहादत ताजा कर दी है। जिससे हर भारतवासी की आंखें नम हो गयी हैं।

24 दिसंबर 1999 का दिन शायद हिंदुस्तान में कोई भूल पाया होगा। इसी दिन इंडियन एयरलाइंस के विमान को नेपाल से हाईजैक कर आतंकवादी नेपाल की राजधानी काठमांडू से अमृतसर और पाकिस्तान के लाहौर के बाद अफ़ग़ानिस्तान के कंधार तक ले गए थे। आतंकियों ने विमान में सवार 178 यात्री की रिहाई के बदले आतंकी संगठन जैश  मौहम्मद के सरगना । ओर गुरुवार को हुए जम्मू कश्मीर के पुलवामा मे हुए हमले के मास्टरमाइंड मौलाना मसूद.

भारत सरकार के सामने रखी थी अजहर समेत 35 आतंकियों की रिहाई और 35 करोड रुपए की शर्त 

अजहर समेत 35 आतंकियों की रिहाई और 35 करोड रुपए की शर्त भारत सरकार के सामने रखी थी। एक हफ्ते तक आतंकवादियों ने विमान सहित यात्रियों को बंधक बनाए रखा। विमान से 5 देशों के चक्कर लगाए गए विमान ने लाहौर से अफगानिस्तान के काबुल के लिए उड़ान भरी लेकिन काबुल और कंधार में रोशनी का उचित प्रबंध ना होने के कारण उसे दुबई के लिए डायवर्ट कर दिया गया था। जहां 25 यात्रियों की रिहाई भी कर दी गई थी।

अटल बिहारी वाजपेेई जी की सरकार ने विमान यात्रियों की जान बचाने के लिए उठाया ये कदम

अटल बिहारी वाजपेई की सरकार ने विमान यात्रियों की जान बचाने के लिए आतंकवादियों की रिहाई का फैसला लिया था। भारत की जेलों में बंद जैश ऐ मौहम्मद, के सरगना और आतंकी मौलाना मसूद अजहर समेत असगर अली, मुस्ताक अहमद, अहमद उमर सईद शेख, की जेल से रिहाई कर भारत के विशेष विमान के साथ उन्हें कंधार ले जाया गया था। उसके बाद 31 दिसंबर को विमान यात्रियों की रिहाई कर दी गई थी। विशेष विमान से भारतीय यात्रियों को वापस लाया गया था।

वर्ष 2000 में मसूद अजहर ने बनाया संगठन।

वर्ष 2000 में उसी मसूद अजहर ने आतंकी संगठन जैश ऐ मौहम्मद बनाया था। भारत से रिहाई के बाद मसूद अजहर तालिबान की मदद से अफगानिस्तान के रास्ते पाकिस्तान तक पहुंचा। जिसने जम्मू कश्मीर में भारतीय सेना से मुकाबले को जैश ऐ मौहम्मद आतंकी संगठन बनाया। पाक खुफिया एजेंसी आईएसआई जैश ऐ मोहम्मद के आकाओं की मदद करती रही। 2001 में भारतीय संसद पर हुए हमले में मसूद अजहर मुख्य संदिग्ध था। उसी दौरान पाकिस्तान सरकार ने मसूद अजहर के विरुद्ध कार्रवाई करने और उसे भारत को सौंपने से भी इनकार कर दिया था।





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