देहरादून : उत्तराखंड में कर्मचारियों के सामूहिक अवकाश के ऐलान के बाद जहां सरकार ने नो वर्क नो पे के नियम को लागू करने का फैसला किया तो वहीं सरकार के इस सख्त रवैये का असर बीते दिन सचिवालय में देखने को मिला…जी हां सचिवालय में बीते 4 दिनों के मुताबिक कर्मचारियों की ज्यादा हाजरी लगी. बता दें सरकारी की चेतावनी के बाद भी बीते दिन  यानी गुरुवार को प्रदेश भर में साढ़े तीन लाख कर्मचारी हड़ताल पर थे.

वहींं संगठन के पदाधिकारियों ने वित्त मंत्री के साथ वार्ता कर इस बात पर ठंडे पड़े की कर्मचारियों की मांगों पर फैसला आज कैबिनेट में लिया जाएगा. वहीं आज त्रिवेंद्र सरकार की कैबिनेट बैठक है. जिसमें कर्मचारियों की मांगों को ध्यान में रख अहम निर्णय लिए जा सकते हैं.

इसी के साथ सरकार की कैबिनेट में इन-इन प्रस्तावों पर चर्चा हो सकती है-

घाटे में चल रही दो चीनी मिलों को बेचने

आउटसोर्स करने या पीपीडी मोड पर संचालित करने का प्रस्ताव आ सकता है

अटल आयुष्मान योजना के तहत कर्मचारियों को शामिल करने की नियमावली पर मुहर लग सकती है.

नई आबकारी नीति भी मंत्रीमंडल के समक्ष आ सकती है.

नई तकनीकी संस्थानों पर सरकार मुहर लगा सकती है.

वहींं सामूहिक अवकाश पर गए कर्मचारियों के साथ समझौते के बाद जारी मिनिट्स से कुछ बातें साफ़ निकल कर आ रही हैं. खबर है कि कर्मचारियों के मांगों में से मकान किराया भत्ता और पिछले दिनों खत्म किए गए 15 भत्तों को बहाल करने के मामले पर सरकार बड़ा फैसला ले सकती है.

देखने वाली बात होगी की सरकार कर्मचारियों की किन मांगों को मानता है और किनको नहीं…और इसके बाद कर्मचारियों का क्या रिएक्शन सरकार के प्रति होता है.





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