देहरादून : सदन के अंदर बजट सत्र के दूसरे दिन की कार्यवाही शुरू हुई…जिसमें एक बार फिर पहले दिन की तरह विपक्ष ने सदन के अंदर जमकर हंगामा किया। विपक्ष ने नियम 310 के तहत जहरीली शराब का सवाल उठाया।

इंदिरा हृदयेश ने जहरीली शराब का मुद्दा उठाते हुए सरकार पर जमकर हमला। विपक्ष नियम 310 के तहत चर्चा पर अड़ा रा जिसके बाद स्पीकर ने 310 में चर्चा करने की अनुमति दी।

वहीं प्रश्नकाल को रोक कर जहरीली शराब के मुद्दे पर सदन में चर्चा शुरू हुई। दूसरी बार ऐसा हुआ जब सदन कि कार्यवाही रोक कर नियम 310 के तहत विपक्ष चर्चा कराने पर कामयाब हुआ।

विपक्ष ने सदन में सवाल उठाते हुए कहा कि इतनी मौतों के बाद भी जिम्मेदार मंत्री और अधिकारी मृतकों के परिजनों से मिलने नहीं पहुंचे। नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि अफसरशाही बेलगाम खोज की है। अवैध शराब का कारोबार चल रहा है लेकिन सरकार सोया है।

विपक्ष प्रीतम सिंह ने आबकारी मंत्री और मुख्यमंत्री के इस्तीफा की मांग करते हुए सरकार पर लापरवाही का आरोप लगाया और साथ ही वेतन से ने कहा कि सरकारविधायक देशराज कर्णवाल के पत्र का संज्ञान ले।

सदन में उपनेता करण मेहरा ने मुद्दा उठाते हुए आबकारी अधिकारियों की हरिद्वार में पुनः नियुक्ति पर खड़े किए सवाल खड़े किए और कहा कि आबकारी विभाग लापरवाह अधिकारियों के हाथों में हैं अधिकारी राजनीतिक दबाव मेंं आकर निर्णय लेतेे हैं साथ ही करण महारा ने कहा कि घटनाा के बाद सरकार का कोई भी जिम्मेदार प्रतिनिधि मौके पर नहीं पहुंचा।

भाजपा विधायक प्रदीप बत्रा और करण माहरा में नोकझोंक कोई  जिसमें  करण माहरा ने कहा कि सरकार ने मदद के नाम पर सिर्फ खानापूर्ति की है।

विभागीय मंत्री, आबकारी, संसदीय कार्य मंत्री प्रकाश पंत ने जवाब दिया की सूचना मिलते ही बिमार लोगों को अस्पताल भर्ती किया गया।तत्काल प्रभाव से सभी पुलिस अधिकारी, जिला प्रशाशन, आबकारी अधिकारी, को मौके पर भेजा गया। वित्त मंत्री ने कहा कि आईजी गढ़वाल ने मौके पर पहुंचकर घटना में रेस्क्यू की कमल संभाली।सरकार की कोशिश थी कि घटना में राहत कार्य के साथ साथ सरकार ने सभी जवाबदेह अधिकारियों को और पुलिस के जिम्मेदार अधिकारियों को निलंबित किया है। लेकिन इस पूरे घटना क्रम में सरकार की नैतिक जिमेदारी बनती है। और सरकार ने लगातार कारवाही की है।

प्रकाश पंत ने इस से पहले आबकारी विभाग द्वारा अवैध शराब के खिलाफ की गई कार्यवाही सदन में गिनवाई। प्रकाश पंत ने कहा कि जहरीली शराब से हुई मौत मामले में जांच लगातार जारी है और पूरे प्रकरण के तह तक जाने के लिए सरकार हर प्रयास कर रही है।

मैं अंदर से विचलित हूं, मेने मुख्यमंत्री जी से भी कहा था। लेकिन जब कारणों पर गए तो पता चला कि सामाजिक बुराई को मिटाने के लिए हम सबको लड़ना होगा। यह कोई राजनीतिक विषय नही है।-प्रकाश पंत न कह की 13 आबकारी अधिकारी को निलंबित किया गया साथ ही कई अन्य अधिकारी को नोटिस भी जारी किया गया। साथ ही वित्त मंत्री ने कहा कि इसी विधानसभा सत्र में आबकारी अधिनियम के संसोधन का अधिनियम आ जाएगा।

वहीं विपक्ष ने सदन में 310 कई चर्चा के बाद आबकारी मंत्री के जबाब से असंतुष्ट होकर हंगामा कर वाकआउट किया। विपक्ष विधानसभा की सीढ़ियों पर बैठ कर सरकार के खिलाफ नारेबाजी की।





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