कारोबारी विजय माल्या ने एक बार फिर ट्वीट कर कहा कि वह बैंकों का लोन चुकाने के लिए तैयार हैं. माल्या ने ट्वीट में कहा “प्रधानमंत्री ने संसद में आखिरी भाषण मेरे ध्यान में लाया था. वह निश्चित रूप से एक बहुत ही स्पष्ट वक्ता है. मैंने देखा कि उन्होंने एक अनाम व्यक्ति को संदर्भित किया जो 9000 करोड़ रूपए लेकर “भाग गया” था. मीडिया कथा को देखते हुए मैं केवल यह अनुमान लगा सकता हूं कि संदर्भ मेरे लिए है.”

इसके जवाब में विजय माल्या ने ट्वीट कर अपना पक्ष रखा. मेरे पहले के ट्वीट के बाद, मैं सम्मानपूर्वक पूछता हूं कि प्रधानमंत्री अपने बैंकों को यह निर्देश नहीं दे रहे हैं कि जो पैसा मैंने टेबल पर रखा है, वह ले लें ताकि वह कम से कम किंगफिशर को दिए गए सार्वजनिक धन की पूरी वसूली के लिए क्रेडिट का दावा कर सकें.

किंगफिशर एयरलाइंस के पूर्व प्रमुख माल्या को 9,000 करोड़ रुपए की रकम की धोखाधड़ी और धनशोधन के मामले में आरोपित हैं. माल्या अपने बचाव में जो भी कहना चाहते हैं वह ट्विट के माध्यम से कहते हैं. इससे पहले जून 2018 में माल्या ने ट्विटर पर पत्र जारी किया था जिसमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और वित्त मंत्री अरुण जेटली को न्याय की मांग की थी.

ब्रिटेन के गृह मंत्री साजिद जावीद पहले ही शराब कारोबारी विजय माल्या को करारा झटका देते हुए उन्हें भारत प्रत्यर्पित करने का आदेश दे चुके हैं. माल्या दिसंबर में ब्रिटेन की एक अदालत में अपने प्रत्यर्पण के खिलाफ कानूनी चुनौती हार चुका था. उन पर भारत में करोड़ों रुपए की धोखाधड़ी का केस चल रहा है. अप्रैल 2017 में स्कॉटलैंड यार्ड की ओर से तामील कराए गए प्रत्यर्पण वॉरंट पर माल्या जमानत पर है.





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