मंगलवार को सुप्रीम कोर्ट ने सीबीआई के अतिरिक्त निदेशक एवं पूर्व अंतरिम निदेशक एम. नागेश्वर राव को फटकार लगाई है. उन्हें कोर्ट की अवमानना करने पर एक दिन कोर्ट में बैठने की सजा दी है. जानकारी के लिए बता दें कि राव ने सुप्रीम कोर्ट से बिना शर्त माफी मांगी थी.

इस मामले पर सुनवाई करते हुए कोर्ट ने उन्हें एक दिन कोर्ट में बैठने की सजा दी है और इसके अलावा एक लाख रूपये का जुर्माना भी लगाया है. जानकारी के लिए बता दें कि सीबीआई की तरफ से अटार्नी जनरल ने दलील रखी कि नागेश्वर राव ने माफी मांगी है और उन्होंने जानबूझकर सुप्रीम कोर्ट की अवमानना नहीं की है.

जिसको लेकर कोर्ट ने एक दिन की सजा का ऐलान किया और कहा कि आखिर ऐसा कौन सा पहाड़ टूट रहा था जो ये निर्देश दिए. सीजेआई ने आगे कहा कि अनिल शर्मा का ट्रांसफर करने से पहले कोर्ट में एफिडेविट देना चाहिए था.

मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, जब सुप्रीम कोर्ट ने एम. नागेश्वर राव को सीबीआई का अंतरिम डायरेक्टर बनाया गया तो उन्हें कोई भी फैसला लेने से मना कर दिया गया था. ऐसे वक्त में उन्होंने बिहार के शेल्टर होम मामले की जांच कर रहे अधिकारियों का तबादला कर दिया था. जिसे कोर्ट में अवमानना माना.





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