कांग्रेस की कर्जमाफी योजना को तमाशा बताते हुए, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को केंद्रीय बजट 2019-20 का संदर्भ देते हुए कहा कि ‘देश में किसानों, मजदूरों और युवाओं के लिए ऐतिहासिक कदम उठाया गया है.’ केंद्रीय वित्तमंत्री पीयूष गोयल द्वारा संसद में अंतरिम बजट पेश करने के एक दिन बाद उन्होंने कहा, “देश में पहली बार कल(शुक्रवार) के बजट में किसानों और मजदूरों के कल्याण के लिए जबरदस्त पहल की गई.”

उन्होंने कहा, “कल(शुक्रवार) घोषित योजना से सीधे 12 करोड़ किसानों, 30-40 करोड़ मजदूरों और मध्यवर्ग आय के तहत आने वाले तीन करोड़ से ज्यादा परिवारों को लाभ मिलेगा.”

उन्होंने कहा कि किसानों के कल्याण के लिए प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के तहत 75,000 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं.

यहां एक जनसभा को संबोधित करते हुए, मोदी ने राजस्थान, मध्यप्रदेश और कर्नाटक में कांग्रेस शासित सरकारों की कृषि नीतियों पर निशाना साधा और दावा किया कि ऋणमाफी के दावे के बावजूद किसानों को इससे वंचित रखा गया.

उन्होंने कहा, “आपने शायद कुछ राज्यों में देखा होगा कि ऋणमाफी के नाम पर मतदाताओं से वोट मांगे गए. लेकिन वे(नई कांग्रेस सरकार) उन किसानों के ऋण को माफ कर रहे हैं, जिन्होंने कभी ऋण लिया ही नहीं.”

मोदी ने कोलकाता से 67 किलोमीटर दूर और बांग्लादेश सीमा से करीब ठाकुरगंज में कहा, “उन्होंने 2.5 लाख रुपये तक की ऋणमाफी का वादा किया था. लेकिन केवल 13 रुपये के ऋण माफ किए गए. यह मध्यप्रदेश की कहानी है.”

प्रधानमंत्री ने कहा कि राजस्थान में कांग्रेस ने खुद के वादों से पल्ला झाड़ लिया है. उन्होंने कहा, “वे पहले नहीं जानते थे कि ऋणमाफी से राजस्व पर इतना बड़ा बोझ पड़ेगा.” मोदी ने कर्नाटक सरकार के बारे में कहा कि वहां जनता दल (सेकुलर) और कांग्रेस की गठबंधन सरकार के अंतर्गत जो ऋण नहीं चुका पा रहा है, उसे पुलिस परेशान कर रही है.

उन्होंने ममता बनर्जी पर निशाना साधते हुए कहा, “यह कांग्रेस की कृषि और किसान नीति है. इन नीतियों का बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी समर्थन करती हैं.” ‘ऋणमाफी की राजनीति’ पर हमला बोलते हुए मोदी ने कहा कि किसानों को इससे फायदा नहीं हुआ है. मोदी ने कहा, “हमारे देश में ऋणमाफी की राजनीति के जरिए किसानों को धोखा देने का शर्मनाक प्रयास लगातार किया जाता है.”





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