विदेशमंत्री सुषमा स्वराज ने बुधवार को रूस-भारत-चीन (आरआईसी) के विदेश मंत्रियों की 16वीं बैठक में अपने चीनी समकक्ष वांग यी के समक्ष 14 फरवरी को जम्मू एवं कश्मीर के पुलवामा में हुए आतंकवादी हमले का मुद्दा उठाया. सुषमा ने आरआईसी से इतर द्विपक्षीय बैठक के दौरान अपनी प्रारंभिक टिप्पणी में कहा, मैं ऐसे समय में चीन का दौरा कर रही हूं, जब भारत में शोक और गुस्सा है. यह जम्मू-कश्मीर में हमारे सुरक्षा बलों के खिलाफ सबसे क्रूर आतंकवादी हमला था.

यह बैठक भारतीय वायुसेना के लड़ाकू विमानों द्वारा पाकिस्तान के बालाकोट में बड़े आतंकी प्रशिक्षण शिविरों के खिलाफ ‘दंडात्मक’ कार्रवाई के 24 घंटों के बाद हुई है, जिसे भारत ने एक ‘असैन्य’ कार्रवाई बताया है. स्वराज ने दृढ़तापूर्वक जैश-ए-मोहम्मद (जेईएम) को पाकिस्तान स्थित और समर्थित आतंकवादी संगठन बताया है.

सुषमा ने कहा, पुलवामा आतंकी हमले के बाद जेईएम के खिलाफ कार्रवाई करने के अंतर्राष्ट्रीय समुदाय के आह्वान को गंभीरता से लेने के बजाय पाकिस्तान ने हमले की कोई भी जानकारी होने से इनकार कर दिया और जैश के दावों को सीधे तौर पर खारिज कर दिया.

उन्होंने कहा, इस तरह के क्रूर आतंकवादी हमले आतंकवाद के प्रति शून्य सहिष्णुता दर्शाने और इसके खिलाफ निर्णायक कार्रवाई करने के लिए सभी देशों को एक साथ आने की जरूरत पर बल देते हैं.

बता दें कि जेईएम ने जम्मू एवं कश्मीर के पुलवामा में 14 फरवरी को केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) के काफिले पर आत्मघाती हमला किया था. आतंकी समूह ने कुछ तस्वीरें और एक वीडियो जारी कर इस हमले की जिम्मेदारी ली थी.

चीन के साथ यह बैठक इसलिए महत्वपूर्ण मानी जा रही है, क्योंकि बीजिंग जैश प्रमुख मसूद अजहर को संयुक्त राष्ट्र से वैश्विक आतंकी घोषित कराने के भारत के प्रयासों को बार-बार बाधित करता रहा है.

वहीं, अमेरिका, रूस, ब्रिटेन और फ्रांस सहित दुनिया भर के देशों ने पुलवामा आतंकी हमले में पाकिस्तान की भूमिका की निंदा की है, लेकिन जैश प्रमुख मसूद अजहर पर चीन के रुख में कोई बदलाव नहीं हुआ.

विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रवीश कुमार ने सुषमा स्वराज के रवाना होने से पहले ट्वीट किया, एजेंडा..आतंकवाद का मुकाबला. विदेशमंत्री सुषमा स्वराज रूस, भारत और चीन के विदेश मंत्रियों की 16वीं बैठक के लिए चीन के वुझेन के लिए रवाना. त्रिपक्षीय बैठक में भाग लेने के अलावा वह रूसी और चीनी विदेश मंत्रियों के साथ द्विपक्षीय चर्चा करेंगी.





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