देहरादून : पहाड़ में शादी हो और मदिरा पान का इंतजाम न हो ऐसा मुमकिन नहीं…जी हां पहाड़ों की शादियों में बहुत पहले समय से शादियों में चाहे महंदी हो या न्यौतेरा हो…या बरातियों का स्वागत करना हो….शराब जरुर परोसी जाती है…बिन मदिरा के पहाड़ की शादियों में कहा जाता है कि मजा नहीं आया शादी में…बारात में नाचने में.

इस परंपरा के खिलाफ खड़ी हुई टिहरी के कोटी बहेड़ा गांव की लड़की मनीषा

लेकिन वहीं इस परंपरा के खिलाफ खड़ी हुई टिहरी के कोटी बहेड़ा गांव की लड़की मनीषा. जिसकी 25 फरवरी को डोईवाला निवासी युवक से शादी होनी है…मनीषा ने शादी के कार्ड में लिखवाया कि यहां कोकटेल नहीं होगी…जिससे लोगों में अच्छा संदेश गया और लोगों ने मनीषा की खूब तारीफ की.

उत्तराखंज में फैल रहा नशे का कारोबार

आंकड़े बताते हैं कि नशे का कारोबार उत्तराखंड में तेजी से बढ़ रहा है. आए दिन यूपी से लाए जा रहे नशे का सामान नशे के सौदागर उत्तराखंड में आकर बेच रहे हैं…जिसकी चपेट में भोले-भाले युवक-युवतियां और व्यक्ति आ रहे हैं…जिसकी रोकथाम के लिए मनीषा ने पहाड़ से अच्छी शुरुआत की है…जिससे सबको सबक लेने की जरुरत है.

राड्स संस्था से मिली शराब का विरोध करने की प्रेरणा- मनीषा

आपको बता दें ये जानकारी हमे फेसबुक सुनील बहुगुणा के टाइम लाइन से मिली है. जानकारी में पता चला कि शराब का विरोध करने की प्रेरणा मनीषा को राड्स संस्था से मिली। राड्स संस्था की मुहिम से प्रेरित होकर अपनी शादी में शराब नहीं परोसने की ठानी थी। राड्स संस्था ने पहाड़ की इस बेटी को उसकी हिम्मत के लिए सम्मानित किया। मनीषा को 21 सौ रुपये और सम्मान पत्र भेंट किया गया। इस मौके पर मनीषा ने कहा कि शादी में शराब परोसे जाने के बढ़ते प्रचलन को रोका जाना चाहिए, दूसरी लड़कियों को भी इसके लिए हिम्मत दिखानी होगी।





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