सोमवार को कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने स्पष्ट कर दिया कि कांग्रेस उत्तर प्रदेश में अपने बूते आगामी लोकसभा चुनाव में उतरेगी. उन्होंने कहा कि इसमें कोई संदेह नहीं कि पार्टी उत्तर प्रदेश में पूरी ताकत व क्षमता के साथ आगामी लोकसभा चुनाव लड़ेगी. इस तरह राहुल गांधी ने प्रदेश में बहुजन समाज पार्टी (बसपा) के लिए अपने दरवाजे लगभग बंद कर दिए, मगर उन्होंने कहा कि वह दोनों दलों के नेता मायावती और अखिलेश यादव का आदर करते हैं.

पार्टी दफ्तर में कांग्रेस कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए राहुल ने कहा कि समय आ गया है जब प्रदेश में कांग्रेस की विचारधारा को पुनर्जीवित किया जाना चाहिए.

पार्टी महासचिव प्रियंका गांधी और ज्योतिरादित्य सिंधिया की ओर संकेत करते हुए उन्होंने कहा कि इन्हें उत्तर प्रदेश न सिर्फ लोकसभा चुनाव के लिए भेजा गया है, बल्कि यह सुनिश्चित करने का दायित्व दिया गया है कि प्रदेश में अगली सरकार कांग्रेस की बने.

राहुल गांधी ने कहा, “प्रदेश के लोगों को काफी भुगतना पड़ा है. उन्होंने हर पार्टी को अजमा के दिख लिया और सबकी परीक्षा ले ली. कांग्रेस को उत्तर प्रदेश की प्रगति और समृद्धि के लिए अगली सरकार बनानी होगी.”

उधर, पार्टी कार्यकर्ता ‘राहुल भैया, राहुल भैया’ के नारे लगा रहे थे.

पार्टी कार्यकर्ताओं से चुनाव-संग्राम के लिए कठिन परिश्रम करने को प्रोत्साहित करते हुए उन्होंने कहा कि यह एक तरफ विचारधारा, एकता और भाईचारे और दूसरी तरफ राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस), भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और नरेंद्र मोदी की विभाजनकारी और घृणा की राजनीति के बीच की लड़ाई है.

उन्होंने पार्टी के कार्यकर्ताओं को भरोसा दिलाया कि किसी नेता को बाहर से नहीं लाया जाएगा, बल्कि जमीनी कार्यकर्ताओं को प्रोत्साहित किया जाएगा.

उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर भ्रष्टाचार के मामलों को लेकर एक बार फिर निशाना साधा.

प्रियंका गांधी और सिंधिया के रोडशो के समाप्त होने पर राहुल गांधी ने कहा कि चाहे किसानों की कर्जमाफी हो, नौकरियों के वादे हो या भ्रष्टाचार, मोदी सरकार की आलोचना करने के लिए मुद्दों की कमी नहीं है. मोदी ने समाज के सभी वर्गो के लोगों को निराश किया है.





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