जम्‍मू-कश्‍मीर के पुलवामा हमले में देश ने 40 वीर जवान खोए…उनकी शहादत को भुलाया नहीं जा सकता…लेकिन बीते दिन पिता की शहादत के गम से उभरने की कोशिश की एक शहीद की बेटी ने..हिम्मत जुटा कर स्कूल पहुंची लेकिन वो अपने दिल औऱ दिमाग पर काबू नहीं कर पाई और प्रिंसिपल से लिपटकर रोने लगी.

आपको बता दें पुलवामा हमले में शहीद हुए जवान प्रदीप सिंह रावत की 10 वर्षीय बेटी सुप्रिया पढ़-लिखकर सेना में भर्ती होना चाहती है ताकि वह अपने पिता की शहादत का बदला ले सके। पांचवीं क्‍लॉस में पढ़ने वाली शहीद की बेटीमंगलवार को परीक्षा देने स्‍कूल पहुंची…लेकिन आते ही वो प्रिंसिपल से लिपटकर रोने लगी…पिता की शहादत की खबर के बाद से ही बेटी की तबीयत खराब है…पिता के अंतिम संस्कार के बाद हिम्मत जुटा कर शहीद की बेटी परीक्षा देनी पहुंची लेकिन इतनी तबीयत खराब थी कि वह ठीक से बैठ भी नहीं पा रही थी।

प्रिंसिपल से लिपटकर रोने लगी शहीद की बेटी

मूलरूप से कन्‍नौज की रहने वाली सुप्रिया कानपुर के डॉ. वीरेंद्र स्वरूप एजुकेशन सेंटर में पढ़ती हैं। सोमवार से स्‍कूल की वार्षिक परीक्षाएं शुरू हो गई थीं। परीक्षा न छूट पाए इसलिए सुप्रिया पिता के अंतिम संस्कार के बाद तुरंत स्कूल पहुंची लेकिन वो शहीद को पिता को याद कर भावुक हो गई औऱ प्रिंसिपल से लिपटकर रोने लगी…ये सब देख स्‍टाफ व अन्‍य बच्‍चों की आंखों में भी आंसू आ गए। सुप्रिया केवल अपने पापा के नाम की रट लगा रही थी। वह इस हालत में नहीं थी कि पेपर दे पाए। इस कारण उसे घर भिजवा दिया। उसकी परीक्षा बाद में ले ली जाएगी।

बेटी की पढ़ाई के बारे में पूछते रहते थे शहीद प्रदीप

बताया जा रहा है कि शहीद प्रदीप सिंह रावत कुछ दिनों पहले जब छुट्टियों में कानपुर आए थे तो स्‍कूल में भी आए थे। वह बेटी सुप्रिया की पढ़ाई को लेकर चिंतित रहते थे। वह स्‍कूल स्‍टाफ से कहते थे कि इसे पढ़ा-लिखाकर एक अच्‍छा इंसान बना दीजिएगा।





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