केंद्रीय वित्तमंत्री पीयूष गोयल ने शुक्रवार को कहा कि पिछले कुछ वर्षो में स्थानीय मोबाइल विनिर्माण में काफी इजाफा हुआ है, जिससे देशभर में हजारों नौकरियां पैदा हुई है. लोकसभा में वर्ष 2019-20 के लिए अंतरिम बजट पेश करते हुए गोयल ने कहा, मोबाइल और उसके पार्ट्स बनाने वाली कंपनियों की संख्या दो से बढ़कर अब 268 हो गई है, जिससे देश के शहरी और ग्रामीण इलाके दोनों में हजारों नौकरियां पैदा हुई है.

हैंडसेट और उसके विभिन्न पार्ट्स के स्वदेशी उत्पादन को प्रोत्साहित करने के लिए सरकार के चरणबद्ध विनिर्माण कार्यक्रम की मदद से चीन की अधिकांश कंपनियां अब यहां अपने मोबाइल और उसके पार्ट्स बना रही है. काउंटरप्वाइंट रिसर्च के मुताबिक, 2018 में 30 करोड़ मोबाइल हैंडसेट का उत्पादन स्थानीय रूप से हुआ.

वीवो इंडिया के ब्रेंड स्ट्रेटेजी के निदेशक निपुन मर्या ने कहा, 2015 में हमने अपना पहला विनिर्माण केंद्र स्थापित किया था, जिसमें वर्तमान में पांच हजार से ज्यादा लोग काम कर रहे हैं और यह कई और लोगों के लिए रोजगार पैदा कर रहा है.

उन्होंने कहा, हाल ही में एक अतिरिक्ति विनिर्माण संयंत्र की घोषणा के साथ हम पहले चरण में पांच हजार से ज्यादा अतिरिक्त नौकरियां मुहैया कराने की योजना बना रहे है. सैमसंग इंडिया ने भी नोएडा में विश्व का सबसे बड़ा मोबाइल विनिर्माण केंद्र स्थापित किया है, जिसने उत्पादन को दोगुना कर दिया है और रोजगार पैदा किया है.

गोयल ने कहा कि सरकार का मकसद अगले पांच वर्षो में एक लाख गांवों को डिजिटल करना है. उन्होंने कहा कि सरकार का विजन भारत को एक आधुनिक और प्रौद्योगिकी संचालित समाज बनाना है.





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