दिल्ली के सीएम अरविंद केजरीवाल सुप्रीम कोर्ट के नियमों पर एलजी के पक्ष में 6 में से 4 मुद्दों पर दिल्ली बनाम एलजी मामला: अगर कोई सरकार अपने अधिकारियों को स्थानांतरित नहीं कर सकती है, तो यह कैसे कार्य करना चाहिए? जिस पार्टी के पास 67 सीटें हैं, उसके पास अधिकार नहीं हैं, लेकिन जिस पार्टी ने 3 सीटें जीती हैं, उसके पास वे अधिकार हैं

केजरीवाल ने कहा, ’40 साल से एंटी करप्शन ब्यूरो ऐ बी सी दिल्ली सरकार के पास थी, अब नहीं है. तो अगर कोई भ्रष्टाचार की शिकायत मुख्यमंत्री से करेगा तो उस पर कार्यवाही कैसे होगी?’ उन्होंने कहा, ‘जिस पार्टी के पास 67 सीटें हैं, उसके पास अधिकार नहीं हैं, लेकिन जिस पार्टी ने 3 सीटें जीती हैं, उसके पास वे अधिकार हैं.’

दिल्ली के सीएम ने कहा, ‘सुप्रीम कोर्ट का ये फैसला, न केवल दिल्ली के लोगों के खिलाफ है बल्कि संविधान के भी खिलाफ है. एक चपरासी को भी दिल्ली का मुख्यमंत्री ट्रांसफर नहीं कर सकता. मुख्यमंत्री के पास अगर एक चपरासी तक को ट्रांसफर करने की ताकत नही है तो मुख्यमंत्री कैसे काम करेगा?’ उन्होंने कहा, ‘हम दिल्ली के लोगों से अपील करते हैं, आपको हमें मजबूत करना होगा. हम फुल स्टेटहुड और दिल्ली की बेहतरी के लिए लड़ेंगे.’

इससे पहले आम आदमी पार्टी के राज्यसभा सांसद संजय सिंह ने कहा, ‘क्या मोदी जी की मर्जी के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट निर्णय नही देता? राफेल में खुला भ्रष्टाचार हुआ केंद्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में झूठ बोला पर SC खआमोश? CBI पर SC ने निर्णय दिया या मजाक किया? दिल्ली की करोड़ों जनता की भावनाओं के साथ खिलवाड़ किया. सुप्रीम कोर्ट है या नायब तहसीलदार कोर्ट?’ उन्होंने कहा, ‘क्या सुप्रीम कोर्ट ने अपनी सारी गरिमा समाप्त कर दी है?न्याय में विलम्ब न्याय नही है. जज को जनता भगवान मानती है लेकिन भगवान भी इंसाफ करने में विफल है.’





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