केरल के सबरीमाला मंदिर विवाद मामले में बॉलीवुड के मशहूर गीतकार जावेद अख्तर ने कहा-मुझे लगता है कि मुसलमानों में रूढ़िवादी और प्रतिगामी तत्व सबरीमाला मंदिर के बोर्ड से सबक लेने के लिए खड़े हैं.

उन्होंने लैंगिक न्याय की दिशा में एक बड़ी छलांग लगाई है. क्या हम मुस्लिम समुदाय के महान लोगों से सही दिशा में कम से कम एक कदम की उम्मीद कर सकते हैं.

सबरीमाला मंदिर बोर्ड ने सुप्रीम कोर्ट में कहा कि अब किसी भी वर्ग के साथ जैविक बदलाव के आधार पर भेदभाव न किए जाने का वक्त आ गया है. जैविक बदलाव के आधार पर महिलाओं के साथ भेदभाव नहीं किया जा सकता. समानता संविधान का मूल तत्व है.

इसके अलावा केरल सरकार ने भी फैसले का समर्थन करते हुए पुनर्विचार याचिकाओं का विरोध किया है. बोर्ड और सरकार की ओर से ये दलीलें सबरीमाला मंदिर में हर आयु वर्ग की महिलाओं को प्रवेश देने वाले फैसले के खिलाफ पुनर्विचार याचिकाओं पर सुनवाई के दौरान दी गईं. सुप्रीम कोर्ट ने फैसले का पक्ष और विरोध करने वाले सभी लोगों की बहस सुनकर अपना फैसला सुरक्षित रख लिया है.





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