देहरादून : लंबे समय से गैरसैंण को स्थायी राजधानी बनाने की मांग को लेकर प्रदेशवासी आंदोलन करते आ रहे हैं लेकिन ये साफ ही कि सरकार गैरसैंंण को लेकर गंभीर न थी और न है. और इसका जीता-जागता उदाहरण मिला आज. जी हां आज से बजट सत्र की शुरुआत हो चुकी है. जिसके बाद सरकार द्वारा किए गए काम और जरुरी मुद्दों का मेनिफेस्टों जारी हुआ जिसमें गैरसैंँण को जगह नहीं दी गयी. कहीं भी गैरसैंँण को लेकर जिक्र नहीं किया गया जिससे सरकार की मंशा साफ नजर आ रही है कि सरकार गैरसैँण को स्थायी राजधानी नहीं बनाना चाहती बल्की उनका मन शहर देहरादून में ही लगता है. हैरानी हुई जब पूरे मेनिफेस्टों को पढ़ने पर कहीं भी गैरसैँँण का जिक्र तक नहीं किया गया.

मेनिफेस्टों में इन-इन अहम मुद्दों को मिली जगह 

अटल आय़ुष्मान योजना के बारे में किया गया जिक्र

किसानों की आय दोगुनी करने के लिए दीन दयाल उपाध्याय साहकारिता किसान कल्याण योजना की शुरुआत का जिक्र

रुद्रप्रयाग, चंपावत, बागेश्वर में जिला साहकारी बैंक खोलने की प्रक्रिया गतिमान

गन्ना फसल का क्षेत्रफल 0.92 लाख हेक्टेयर निर्धारित किया. कृषि के लिए नई नवीनतम तकनीकी और वैज्ञानिकी

नए मार्गो का नवनिर्माण और कई मार्गों का पुन:निर्माण का जिक्र

कौशल विकास, प्रधानमंत्री आवास योजना का जिक्र, नमामी गंगे परियोजना का जिक्र, स्वच्छ भारत मिशन,

स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराने का जिक्र, पर्यटन को बढ़ावा, मत्स्य पालन को बढ़ावा, अवैध खनन पर रोक,, चारधाम परियोजना का जिक्र,, खेल महाकुंभ में खिलाड़ियों का प्रतिभाग

पूर्व सैनिकों, शहीदों औऱ उनके आश्रितों के लिए कल्याण एव पुर्नवास की सुविदा

सवर्णों के लिए 10 प्रतिशत आरक्षण

सड़क दुर्घटना रोकथाम के लिए एवं कर अपवंचना, कानून का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाही

होमगार्डों के वेतन में बढ़ोतरी, रोजगार को लेकर भर्तियां निकालने और बेरोजगारों को सरकारी नौकरी उपलब्ध कराने का जिक्र

संस्कृत को बढावा, राशन कार्डों का ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन, आपदा के लिए खासा इंतेजाम, मुख्यमंत्री समादान पोर्टल,

 

 





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