सोमवार सुबह दुनियाभर के हजारों श्रद्धालुओं ने मौनी अमावस्या के अवसर पर सर्दी और कोहरे के बीच तीन पावन नदियों – गंगा, यमुना और अदृश्य सरस्वती के पवित्र संगम में डुबकी लगाई. रविवार से ही यहां लाखों लोग आने लगे थे और पुरुष, स्त्रियां, बूढ़े, युवा, संत, धार्मिक नेता, आध्यात्मिक गुरु और उनके अनुयाइयों ने इस वर्ष कुंभ के तीसरे शाही स्नान में भाग लिया.

किसी अप्रिय स्थिति से बचने के लिए भारी सुरक्षा इंतजाम किए गए हैं.

वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों ने आईएएनएस से कहा कि यह सुनिश्चित करने के लिए कि भीड़ में कोई अराजक तत्व ना जा पाए और मेले में जुटे लाखों लोगों की सहायता के लिए कुंभनगर और इसके बाहर पर्याप्त सुरक्षा व्यवस्था की गई है.

मेला प्रशासन की समय सारिणी और अनुक्रम के अनुसार, सुबह सबसे पहले लगभग 6.15 बजे पंचायती अखाड़ा महानिर्वानी ने संगम में डुबकी लगाई.

मेला प्रभारी विजय किरन आनंद ने बताया कि सबसे पहले सन्यासी संप्रदाय डुबकी लगाएगा जिसके बाद क्रम से श्री पंचायती निरंजनी अखाड़ा, श्री पंच दशनाम अखाड़ा, अखिल भारतीय श्री पंच निर्वाण अखाड़ा, श्री पंचायत दिगंबर अनि अखाड़ा, श्री पंच निर्मोही अनि अखाड़ा डुबकी लगाएंगे और इसके बाद श्री पंचायती अखाड़ा नया उदासीन और अन्य डुबकी लगाएंगे.





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