हरिद्वार : पुलिस को जनता का रक्षक कहा जाता है लेकिन जब रक्षक ही भक्षक बन बैठे तो ऐसे में पुलिस का वर्दी का तो नाम खराब होता ही है साथ ही लोगों का विश्वास भी पुलिस से उठने लगता है. जी हां रुड़की सिविल लाइंस कोतवाली में कुछ ऐसा हुआ की इंस्पेक्टर को दारोगा के खिलाफ मुकदमा दर्ज करना पड़ा. दरअसल दारोगा पर नाबालिग को डरा धमकाकर दुष्कर्म करने के आरोप है.

येे है मामला

मीडिया रिपोर्ट्स की मानें तो मामला 6 महीने पहले का बताया जा रहा है…अगस्त 2018 में सिविल लाइंस पुलिस ने एक गेस्ट हाउस में छापा मारा था। इस दौरान होटल से यूपी की एक नाबालिग को बरामद किया गया था। उससे कुछ लोग देह व्यापार करा रहे थे। पुलिस ने तब दो आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया था। उस वक्त सिविल लाइंस कोतवाली में तैनात एक दरोगा का नाम भी सामने आया था, लेकिन मामला दब गया था।

डीजी लॉ एंड ऑडर अशोक कुमार को एक गुमनाम पत्र मिला

वहीं बीते जनवरी माह में डीजी लॉ एंड ऑडर अशोक कुमार को एक गुमनाम पत्र मिला। जिसमें दारोगा पर किशोरी ने दुष्कर्म का आरोप लगाया। तत्कालीन एसएसपी ने मामले की जांच एसपी सिटी को सौंपी। एसपी सिटी ने मामले में जांच कर रिपोर्ट सौंप दी। जांच के दौरान भी आरोपी दरोगा के कोतवाली में ही तैनात होने पर सवाल उठे थे।  कुछ दिन पहले दरोगा को लाइन हाजिर कर दिया गया था।

दरोगा का चमोली में किया तबादला

वहीं शुक्रवार को इंस्पेक्टर सिविल लाइंस अमरजीत सिंह ने मामले में आरोपी दारोगा कुलदीप कांडपाल के खिलाफ नाबालिक को डरा धमकाकर दुष्कर्म करने और पॉक्सो एक्ट में मुकदमा दर्ज कराया। इंस्पेक्टर ने मुकदमा दर्ज होने की पुष्टि की। मामले की जांच सोत चौकी प्रभारी मंसा ध्यानी को सौंपी गई है। आरोपी दरोगा का तबादला चमोली में किया गया है।





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