• गौ-गंगा की प्रतिष्ठा, पहाड़ मे पलायन, बेरोजगारी होगा मुद्दा
देवभूमि मीडिया ब्यूरो
देहरादून। गोपालमणि महाराज टिहरी लोकसभा सीट से चुनाव लड़ेंगे। उनके द्वारा टिहरी संसदीय सीट के अंतर्गत विभिन्न क्षेत्रों में यात्राएं कर जनसंपर्क किया जा रहा है। गोपाल मणि महाराज ने कहा कि राजनीति मे आना हमारा लक्ष्य नहीं है, लेकिन गौमाता एवं संस्कारवान देवभूमि की कल्पना हमारे स्वप्नों में  है और हमें लगता है कि यह सपना तभी साकार होगा जब इस विषय पर संसद में चर्चा होगी, इसलिए उन्होंने टिहरी लोकसभा सीट से चुनाव लड़ने का निर्णय लिया है।                   
पत्रकार वार्ता में गोपाल मणि महाराज ने कहा कि भारतीय संस्कृति का मूल आधार गौ और गंगा है परन्तु आज गौमाता सड़कों पर घूम रही है और सरकार द्वारा गौमाता को पशु की श्रेणी मे रखा गया है जबकि पुरातन से ही गौमाता भारतीय संस्कृति की पूज्य रही है। गौमाता की इस हालत को देखते हुये भारतीय गौक्रान्ति मंच द्वारा गौमाता को राष्ट्रमाता बनाने हेतु देहरादून, दिल्ली, सभी प्रदेशों की राजधानियों तथा देश के प्रत्येक जिले में जन-जागरण एवं बड़ी-बड़ी रैलियां की।
उन्होंने कहा उत्तराखण्ड विधानसभा एवं हिमाचल विधानसभा से भी गौैमाता को राष्ट्रमाता बनाने का प्रस्ताव पारित करवाकर केन्द्र को भेजा गया परन्तु केन्द्र की सरकार ने इस महत्वपूर्ण विषय पर गम्भीरता से ध्यान नहीं दिया।  इसके लिये सभी वर्तमान सांसदो से संपर्क किया गया परन्तु किसी ने भी इस विषय को संसद में प्रस्तुत नहीं किया जिसके कारण पहाड़ की जनता बडे आक्रोश में है और इस विषय को संसद मे पहुंचाने के लिए जनता द्वारा राजनीति मे उतरने के लिये जोर दिया जा रहा है। इसलिए उन्होंने यह निश्चय किया है कि गौ-गंगा की प्रतिष्ठा, पहाड़ मे पलायन, बेरोजगारी, शिक्षा, स्वास्थय, पानी, बिजली तथा किसानों की ज्वलंत समस्याओं के समाधान के लिये जनता के द्वार पर जायेंगे, क्योेकि प्रजातंत्र मे जनता निर्णायक है।
उन्होंने कहा कि महारा संकल्प गौमाता को राष्ट्रमाता की प्रतिष्ठा दिलाना, गौ-मंत्रालय बनाना, गांवों मे गौ-सदन बनाकर उनमें गांव के लोगों को ही सरकारी गौ-सेवक नियुक्ति करवाना। गौ-चारण भूमि मुक्त करवाना, गौ-पालकों को गोबर एवं गौमूत्र का उचित मूल्य दिलवाना गांव-गांव में गोबर गैस संयत्रों की  स्थापना कर घर के चूल्हे तथा मोटर गाड़ियों के लिये गोबर गैस उपलब्ध करवाना, टिहरी बाँध के पानी को पंपों के द्वारा चोटी पर बसे गांवों मे पहुंचाकर सिचांई, निःशुल्क पेयजल एवं बिजली की व्यवस्था करवाना।
स्थानीय स्तर पर उचित चिकित्सा व्यवस्था करवाना, पहाड़ों मे जंगलों  के कारण अवरूद्ध मार्गो के शीघ्र निर्माण करने हेतु नियमो में संशोधन कर सरल प्रक्रिया द्वारा सड़कों का निर्माण करवाना। सड़कों के लिये काटे गये पेड़ों के विकल्प मे कई फलदार पेड़ों का रोपण कर वन्यजीवों से फसलों को बचाने की व्यवस्था करवाना, नशामुक्त, संस्कारवान देवभूमि बनाकर उत्तराखण्ड को देवभूमि का संवैधानिक दर्जा दिलवाना। 10 वर्ष तक के बच्चो को निःशुल्क देशी गाय का दूध उपलब्ध करवाना। पहाड़ की नीति का निर्धारण स्थानीय सरकारों/निकायों द्वारा करवाना, आवासीय विद्यालयों की स्थापना कर सभी के लिये समान शिक्षा व्यवस्था निःशुल्क करवाना, बेरोजगारी एवं पलायन की समस्या के लिये लघु एवं मध्यम उद्योगों की स्थापना करवाना,
नारी शक्ति को स्वावलम्बी बनवाना, देवभूमि मे योग, ध्यान केन्द्रों की स्थापना करवाना, तीर्थों का सौन्दर्यीकरण,गंगा,यमुना को स्वच्छ बनाकर उनके पावन तटों को सुरम्य बनवाना हमारा संकल्प है। पत्रकार वार्ता में यशवंत सिंह रावत, डा. रामभूषण बिजल्वाण आदि उपस्थित रहे। 




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