• राष्ट्रीय राजमार्गों का कार्य ठप्प व कर्णप्रयाग रेल अभी सपना

देवभूमि मीडिया ब्यूरो 
देहरादून । कांग्रेस के वरिष्ठ नेता महेश जोशी ने कहा कि प्रीतम सिंह के नेतृत्व में हनोल महासू देवता के मंदिर में पूजा अर्चना करने के बाद निकली परिवर्तन यात्रा अपने चरम पर है। यात्रा को अपार जन समर्थन मिल रहा है, जगह जगह जन सैलाब उमड़ रहा है।

उन्होंने कहा कि पांच साल पहले जब भाजपा के पीएम इन वैटिंग उत्तराखण्ड आये थे तो उन्होंने राज्य में 2013 आये भारी दैवीय आपदा से प्रभावित क्षेत्रों के पुर्ननिर्माण के लिए यूपीए सरकार द्वारा साढे सात हजार करोड के पैकेज को नाकाफी बताते हुए कहा था कि अगर केन्द्र में भाजपा सरकार आई तो ओ राज्य को ज्यादा आर्थिक सहायता करेंगे और राज्य के साथ न्याय होगा किन्तु पिछले 5 सालों में बावजूद इसके कि राज्य की जनता ने नरेन्द्रमोदी की बातों पर भरोसा करते हुए पांचों लोकसभा सीटें बीजेपी की झोली में डाल दी। परन्तु मोदी सरकार ने पिछले पांच सालों में एक नया पैंसा राज्य के आपदा प्रभावित क्षेत्रों के पर्नुनिर्माण के लिए नहीं दिया। उन्होंने कहा कि राज्य की योजना आयोग से मिलने वाली तमाम सहायता चाहे ओ स्पेशल कम्पोनेंट प्लान हो अथवा ट्राइबल सब प्लान हो नीति आयोग बनने के बाद सब बन्द हो गया है। उन्होंने कहा कि जीएसटी लागू होने के बाद राज्य की राजस्व प्राप्तियां 39 प्रतिशत घट गई और राज्य में चल रही अनेक वित्तपोषित योजनाएं ठप्प पड गईं।

उन्होंने कहा कि राज्य में राष्ट्रीय राजमार्गों का कार्य ठप्प पडा है व कर्णप्रयाग तक रेल अभी सपना ही लग रही हैं। उन्होंने कहा कि राज्य में 2017 के विधानसभा चुनाव में प्रधानमंत्री ने उत्तराखण्ड के लोगों वादा किया कि डबल इंजन सरकार बनेगी तो किसानों को कर्जा माफ होगा। राज्य का चौमुखी विकास होगा। बेरोजगारी दूरी होगी। पलायन रूकेगा व महिलाओं का कल्याण होगा।

उन्होंने कहा कि राज्य ने मोदी पर फिर भरोसा किया व प्रचंड बहुमत देकर राज्य में बीजेपी की सरकार बनाई किन्तु पिछले 2 वर्षों में राज्य की त्रिवेंद्र सरकार ने राज्य को निराश किया। कर्ज माफ तो दूर की कौडी हैं राज्य में पहली बार एक दर्जन किसानों ने आत्म हत्या की और नोटबंदी व जीएसटी से परेशान दो ट्रांसपोर्टरों ने आत्महत्या की। उन्होंने कहा कि राज्य में स्वास्थ्य सेवाएं जर्जर हैं व गर्भवती महिलाओं के प्रसव सड़कों पर अस्पताल के फर्स व शौचालयों में हो रहे हैं जिसके कारण जचा व बच्चा की जान खतरे पडी हैं व कई मामलों में नवजात व गर्भवती की मौतें हो चुकी हैं। 108 व खुशियों की सवारी चलाने में सरकार की पसीने छूट रहे हैं। अटल आयुष्मान योजना के जो गोल्डन कार्ड बन रहे हैं उनको कोई अस्पताल स्वीकार नहीं कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने विकास पहिया पटरी से पूरी तरह उतार दिया है और छोटे बडे काम के लिए उच्च न्यायालय राज्य सरकार को निर्देश दे रहा है। उन्होंने कहा कि केन्द्र व राज्य सरकार की उत्तराखण्ड विरोधी नीतियों से राज्य की जनता में घोर निराशा है।





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