देहरादून : उत्तराखंड कांग्रेस यूं तो सब कुछ ठीक ठाक नहीं चल रहा है और कांग्रेस कई धड़ों में उत्तराखंड में बंटी हुई नजर आ रही है, लेकिन एक ताजा मामले ने कांग्रेस के भीतर एक ऐसा कोहराम मचा दिया है जिससे कई नेता खमोश हैं तो कई एक दूसरे पर बयानबाजी कर रहे हैं।

2019 के लोकसभा चुनाव में भाजपा को मात देने के लिए कांग्रेस ने रणनिति बनाते हुए 2017 के विधानसभा चुनाव में बागी होकर चुनाव लड़े कांग्रेसी नेता और ऐसे निर्दलीय प्रत्याशी जिनका जनता में जनाधार उन्हे पार्टी में शामिल करने की चाल चली है, लेकिन कांग्रेस की यही चाल पार्टी के लिए उलटी पड़ती हुई नजर आ रही है।

मोहन काला ने कांग्रेस के वरिष्ठ नेता अहमद पटेल से कांग्रेस में शामिल होने की इच्छा जताई

जी हां ताजा प्रकरण श्रीगनर विधान सभा सीट से 2017 के विधानसभा चुनाव में निर्दलीय चुनाव लड़कर कांग्रेस पार्टी के लिए कुछ हद तक हार के जिम्मेदार रहे समाजसेवी और उद्योगपति मोहन काला के कांग्रेस पार्टी में शामिल होने को लेकर विवाद गहरा गया है। सूत्रों की मानें तो मोहन काला ने कांग्रेस के वरिष्ठ नेता अहमद पटेल से कांग्रेस में शामिल होने की इच्छा जताई, जिसके बाद अहमद पटेल ने उत्तराखंड के प्रदेश प्रभारी अनुग्रह नारायण सिंह से मोहन काला को पार्टी में शामिल होने को कहा. मोहन काला ने भी कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष प्रीतम सिंह और नेता प्रतिपक्ष इंद्रा हृदियेश की मौजूदगी में दिल्ली में प्रदेश प्रभारी से मुलकात भी की और कांग्रेस पार्टी में मोहन काला के आने के फैसले का स्वागत करते हुए अनुग्रह नारायण सिंह, प्रीतम सिंह और इंद्रा हृदियेश ने स्वागत भी किया और मूंह मीठा भी किया। बकायदा कांग्रेस ने मोहन काला के पार्टी में शामिल होने प्रेस विज्ञप्ति भी जारी की.

पूर्व विधायक गणेश गोदियाल के लिए कड़वाहट

लेकिन कांग्रेस की वरिष्ठ नेताओं के द्धारा मोहन काला का मूंह मीठा कराना श्रीनगर से कांग्रेस के पूर्व विधायक गणेश गोदियाल के लिए कड़वाहट लेकर आया और गणेश गोदियाल ने नेता प्रतिपक्ष इंदिरा ह्द्येश के खिलाफ खुद के खिलाफ इसे षडयंत्र करार दिया। गणेश गोदियाल ने यहां तक कह दिया कि इंदिरा उनकी मां के समान है, लेकिन इंदिरा अपने बेटे को राजनीति में आगे बढ़ाने के लिए तो मुख्यमंत्री से निकाय चुनाव में हल्का हाथ रखने को कहती है जबकि उनके खिलाफ षडयंत्र रचती है।

गणेश गोदियाल ने लगाया नेता प्रतिपक्ष इंदिरा ह्द्येश पर आरोप

गोदियाल के इस बयान से इंदिरा की छवि पर असर पड़ा तो उन्होने गणेश गोदियाल को फोन कर उनकेे दिए बयान के बारे पूछा. दोनों के बीच क्या बात हुई ये तो दोनों नेता ही जाने लेकिन इंदिरा ने फोन पर हुई बात को लेकर कह दिया कि गोदियाल ने उनके खिलाफ कोई बयान दिया। इंदिरा ने यहां तक कह दिया कि गणेश गोदियाल ने अगर उनके खिलाफ कोई बयान दिया है तो वह अब मुकर रहे होंगे, इसीलिए उन्होने किसी तरह को कोई बयान उनके खिलाफ न देने की बात कही है। वहीं गणेश गोदियाल का कहना कि मोहन काला के पार्टी में शामिल होने कराए जाने को लेकर उनसे राय ली जानी चाहिए थी जो नहीं ली गई और जो बात इंदिरा हृद्येश के लिए उन्होने कही है वह कैमरे में कही है..इसलिए वह अपने बयान पर कायम हैं, उनके मुकरने का कोई सवाल ही नहीं है।

मोहन काला के कांग्रेस में शामिल होने को लेकर कांग्रेस के भीतर घमासान मच गया है। गोदियाल जहां इस बात को लेकर पूरी तरह आक्रमक हो गए हैं तो वहीं कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष भी इस मामले पर बचते हुए नजर आ रहे हैं।

कांग्रेस में शामिल होने की उन्हें हरी झंडी मिल चुकी है- मोहन काला

वहीं मोहन काला का कहना कि कांग्रेस में शामिल होने की उन्हें हरी झंडी मिल चुकी है और इस बात का प्रमाण कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं ने उन्हे कांग्रेस के पार्टी गम्छा पहनाकर दे दिया है. दो चार दिन में वह कांग्रेस भवन में कांग्रेस प्रदेश प्रभारी की मौजूदगी में कांग्रेस की सदस्यता भी ग्रहण कर लेंगे। मोहन काला कहते हैं कि हो सकता कि इंदिरा हृद्येश उन्हें न पहचानती हों लेकिन ये सत्य है कि उनकी मौजदूगी में ही पार्टी में शामिल होनी की मंजूरी मिली है। गणेश गोदियाल की नाराजगी को लेकर मोहन काला का कहना कि गणेश गोदियाल से उनकी किसी तरह का कोई मदभेद नहीं है. अगर कहीं पर कोई मतभेद होगा तो उसे दूर कर लिया जाएग और उन्हें उम्मीद है कि गणेश गोदियाल मान जाएंगे। लेकिन देखना यही होगा कि जब मोहन काला के कांग्रेस में शामिल होने को लेकर पार्टी नेताओं में ही युद्ध छिड़ गया है तो क्या गणेश गोदियाल के विरोध को देखते हुए कांग्रेस मोहन काला को पार्टी में शामिल करेगी या नहीं.





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