देहरादून : उत्तराखंड में आगमी लोकसभा को देखते हुए सत्ताधारी सरकार और विपक्षी पार्टी तैयारियों में जुट गई है…एक और जहां राज्य की त्रिवेंद्र सरकार चुनाव से पहले राज्यवासियों को कई सौगातें दे रही है तो वहीं विपक्षी पार्टी परिवर्तन यात्रा के जरिए अपनी साख बचाने के लिए और चुनाव में जीत हासिल करने के लिए लोगों के बीच जाकर सीधा संवाद कर रही है.

बारिश की परवाह किए बगैर की कई रैलियां

बात करें पूर्व सीएम हरीश रावत की तो मौसम, ठंड और बारिश की परवाह किए बगैरा हरीश रावत ने रैली की औऱ जनका से संवाद किया जबकि कई कांग्रेसी खराब मौसम का हवाला देते हुए दुबक गए. वहीं ऐसे में हरीश रावत ने छाता लिए रैली निकाली.

हरीश रावत को बड़ा झटका

एक और जहां हरीश रावत लोक सभा चुनाव लड़ने के लिए अपनी फिल्डिंग बिछा रहे थे वहीं उनको बड़ा झटका दिया महानगर कांग्रेस ने. जी हांमहानगर कांग्रेस ने आम चुनाव में स्थानीय व्यक्ति को प्रत्याशी बनाने के लिए प्रस्ताव पास किया है.लोकसभा प्रत्याशी के लिए तीन नामों को पैनल को भेजा गया है. जिसमें पूर्व सीएम हरीश रावत का नाम शामिल नहीं है.लोकसभा चुनाव के लिए कांग्रेस ने प्रत्याशी चयन प्रक्रिया के तहत जिलाध्यक्ष से 7 फरवरी तक तीन संभावित प्रत्याशियों के नाम पैनल मांगा था. बुधवार को महानगर कांग्रेसकी बैठक में संभावित प्रत्याशियों के नाम पर चर्चा हुई.जिसमें सर्वसमत्ति से स्थानीय प्रत्याशी बनाने की मांग उठी.

हरीश रावत ने बिछाई फिल्डिंग लेकिन… 

वहीं इस लिस्ट में तीन नामों को भेजा गया जिसमें पूर्व जिलाध्यक्ष संजय पालीवाल,पूर्व मंत्री राम सिंह सैनी, पूर्व सांसद हरपाल साथी का नाम शामिल था. वहीं हैरानी तब हुई जब इसमें हरीश रावत का नाम शामिल नहीं किया गया. जो की हरीश रावत के लिए किसी बड़े झटके से कम नहीं है. एक और जहां हरीश रावत जी तोड़ मेहनत कर फिल्डिंग बिछा रहे थे वहीं दूसरी ओर महानगर कांग्रेस ने उनका नाम पैनल में शामिल न कर पहले आऊट कर दिया.





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