दिल्ली की एक अदालत ने गुरुवार को दुबई के व्यापारी राजीव सक्सेना का बयान दर्ज करने का आदेश दिया. राजीव सक्सेना अगस्तावेस्टलैंड वीवीआईपी हेलीकॉप्टर सौदा मामले में सरकारी गवाह बनना चाहता है. विशेष न्यायाधीश अरविंद कुमार ने मुख्य महादंडाधिकारी को दो मार्च को सक्सेना का बयान दर्ज करने को कहा है.

प्रवर्तन निदेशालय (ईडी)ने अदालत से कहा कि वह सक्सेना के बयानों को देखने के बाद उसकी याचिका पर जवाब देगा. इस बीच सक्सेना ने अदालत से कहा कि वह किसी दबाव में नहीं है और स्वेच्छा से सरकारी गवाह बनना चाहता है. सक्सेना ने अपने आवेदन में अदालत से कहा है कि उन्होंने जांच में सहयोग किया है और उनके पास जो भी जानकारी थी, उसका उन्होंने खुलासा किया है.

उन्होंने कहा कि अगर उन्हें क्षमा किया गया तो वह मामले का पूरा खुलासा करेंगे. सक्सेना को सोमवार को जमानत दी गई थी. ईडी ने चिकित्सा आधार पर सक्सेना की जमानत का विरोध नहीं किया था. संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) की सुरक्षा एजेंसियों ने सक्सेना को उनके दुबई आवास से 30 जनवरी को गिरफ्तार किया था और भारत को प्रत्यर्पित कर दिया था.

सक्सेना को सोमवार को चिकित्सकीय आधार पर जमानत दी गई. ईडी ने सक्सेना की जमानत आवेदन का विरोध नहीं किया. ईडी के अनुसार, वकील गौतम खेतान के साथ मिलीभगत में सक्सेना ने कई राजनेताओं, नौकरशाहों व भारतीय वायुसेना के अधिकारियों को भुगतान करने के लिए धनशोधन के लिए दुनियाभर में एक कॉपोर्रेट स्ट्रक्चर प्रदान किया.

सक्सेना ने ऐसा अगस्तावेस्टलैंड के पक्ष में 12 वीवीआईपी हेलीकॉप्टरों की आपूर्ति के अनुबंध को प्रभावित करने के लिए किया था. सक्सेना का नाम उसकी पत्नी शिवानी के खिलाफ दायर एक आरोपपत्र में शामिल है. शिवानी, ईडी की गिरफ्तारी के बाद जमानत पर बाहर है.





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