शुक्रवार को अधिकारियों ने कश्मीर घाटी में आतंकवादी हमले के खिलाफ प्रदर्शन कर रही भीड़ के हिंसक होने के बाद जम्मू शहर में कर्फ्यू लगा दिया. प्रदर्शनकारियों ने कुछ वाहनों में आग लगा दी और कई अन्य वाहनों को क्षतिग्रस्त कर दिया.

जिलाधिकारी रमेश कुमार ने कहा कि कानून व व्यवस्था की स्थिति को बनाए रखने के लिए कर्फ्यू लगाया गया है. पुलिस ने कहा कि हिंसा शहर के गुज्जर नगर इलाके से शुरू हुई.

पुलिस ने हालात को नियंत्रित करने के लिए आंसू गैस व लाठी का इस्तेमाल किया, लेकिन इसके बाद कर्फ्यू लागू कर दिया गया. शुरुआत में गुज्जर नगर, तालाब खटिकन, जनीपुर, बख्शी नगर, चेन्नी हिमत, बस स्टैंड व पुराने शहर के कुछ दूसरे इलाकों में कर्फ्यू लगाया गया और बाद में पूरे जम्मू में लागू कर दिया गया.

गुज्जर नगर की हिंसा की खबर के फैलने से शहर के दूसरे ‘संवेदनशील इलाकों’ में भी तनाव फैल गया.

पुलिस के एक अधिकारी ने कहा, “लोगों को शांति बनाए रखने व असामाजिक तत्वों के हाथों की कठपुतली नहीं बनने की सलाह दी गई है. असामाजिक तत्व अपने नापाक उद्देश्यों के लिए स्थिति का फायदा उठाना चाहते हैं.”

पुलवामा में गुरुवार को आत्मघाती हमले में शहीद 45 सीआरपीएफ जवानों में एक की पहचान राज्य के राजौरी जिले के नसीर अहमद के रूप में हुई है.

जम्मू चेंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री (जेसीसीआई) ने शुक्रवार को बंद व प्रदर्शन का आह्वान किया. नेशनल कांफ्रेंस, जम्मू ट्रांस्पोर्टर्स एसोसिएशन व बार एसोसिएशन ने बंद का समर्थन किया है.





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