लोकतंत्र के समक्ष उपस्थित चुनौतियां’ विषय पर गोष्ठी 

  • कश्मीर इस्लामिक भूमि नहीं
  • यहां की हर इंच जमीन पर हिंदुस्तान का नाम
  • अब वक्त आ गया है कि धारा 370 व 35 ए समाप्त की जाए
  • व्यक्तिवाद, जातिवाद व साम्प्रदायिकता से लोकतंत्र को है खतरा

देवभूमि मीडिया ब्यूरो
देहरादून । आरएसएस के विचारक और राज्यसभा सांसद राकेश सिन्हा का कहना है कि पाकिस्तान जान ले कि आंख दिखाएगा तो इतिहास बन जाएगा। जो यह तिरंगा लहरा रहा है। उसके पीछे त्याग व बलिदान की लंबी परम्परा रही है। कश्मीर इस्लामिक भूमि नहीं है, बल्कि यहां की हर इंच जमीन पर हिंदुस्तान का नाम है। उन्होंने कहा कि धारा 370 एक देश को दो हिस्सों में बांटती है। अब वक्त आ गया है कि धारा 370 व 35 ए समाप्त की जाए। साथ ही उन्होंने पाकिस्तान पर निशाना साधते हुए कहा कि अगर पाकिस्तान आंख दिखाएगा तो इतिहास बनकर रह जाएगा।

दून में ओएनजीसी के एएमएन घोष सभागार में विश्व संवाद केंद्र के लोकार्पण समारोह-वार्षिकी 2018 एवं ‘लोकतंत्र के सम्मुख उपस्थित चुनौतियां’ विषय पर आयोजित संगोष्ठी में बतौर मुख्य वक्ता पहुंचे राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ के विचारक, लेखक-स्तंभकार और राज्यसभा सदस्य राकेश सिन्हा ने कहा कि लोकतंत्र की सार्थकता तभी है, जब हम अपना अस्तित्व बचाकर रखें।उन्होंने पुलवामा में शहीद भारतीय जवानों को श्रद्धांजलि देते हुए कहा कि भारत की बलिदानी परम्परा रही है। उन्होंने लोकमान्य तिलक के जीवन का प्रसंग बताते हुए कहा कि जवान पुत्र की मौत भी तिलक को अंग्रेज सरकार के काले कानून के विरुद्ध लिखने से नहीं रोक सकी। डा. सिन्हा ने तिरंगे झंडे के लिए बलिदान हुए बिहार के सात बालकों का प्रसंग सुनाया कि कैसे वे एक के बाद एक तिरंगे झंडे के सम्मान के लिए अंग्रेजों की गोली के शिकार बने। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड के चारों शहीद भी उसी बलिदानी परम्परा के वाहक थे।

उन्होंने कहा कि आतंकवादी की फांसी रुकवाने के लिए आधी रात सुप्रीम कोर्ट जाने वाले लोग भी यह अच्छी तरह जान लें कि हम उदारवादी हैं, पर दंतहीन नहीं। पुलवामा की घटना के बाद लोगों के मन में दुख व पीड़ा है और समाधान का भाव भी। फिर चाहे वह तर्क से निकले, या ताकत से। सिन्हा ने कहा कि पांडव पांच गांव लेकर भी संतुष्ट थे, पर दुर्योधन तैयार नहीं हुआ। परिणामस्वरूप अपना हक पाने के लिए पांडवों को युद्ध के मैदान पर उतरना पड़ा।

उन्होंने कहा पाकिस्तान जान ले कि आंख दिखाएगा, तो इतिहास बन जाएगा। जो यह तिरंगा लहरा रहा है, उसके पीछे त्याग व बलिदान की लंबी परम्परा रही है। जिससे हमें आज भी साहस और ऊर्जा मिलती है। कहा कि अब जो होगा, वह आंतकवाद के खात्मे का उदय होगा। इस दौरान कार्यक्रम अध्यक्ष मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत, मुख्य अतिथि महापौर सुनील उनियाल गामा, प्रांत प्रचारक युद्धवीर, विश्व संवाद केंद्र के अध्यक्ष सुरेंद्र मित्तल, निदेशक विजय कुमार, भाजपा के प्रदेश मीडिया प्रमुख एवं पत्रिका के संपादक डॉ. देवेंद्र भसीन, सह संपादक राजेंद्र पंत, रणजीत सिंह ज्याला, महानगर संघचालक आजाद सिंह रावत, महानगर कार्यवाह विशाल जिंदल, महानगर प्रचार प्रमुख हिमांशु अग्रवाल और उद्योगपति अशोक विंडवाल, राकेश ओबरॉय सहित कई गणमान्य लोग उपस्थित थे।

सिन्हा ने अब्दुल्ला परिवार और महबूबा मुफ्ती को साफ़ -साफ़ कह डाला कि अब उन्हें तय करना होगा कि उन्हें कहां खड़ा होना है। वे यह भी अच्छी तरह जान लें कि जब तक यहां हैं, उपयोगिता है, वरना दुनिया में कहीं भी जगह नहीं मिलेगी।

सिन्हा ने कहा कि लोकतंत्र का सबसे बड़ा शत्रु व्यक्तिवाद है। हम जब तक व्यक्तिवाद में जकड़े रहेंगे, सही मायने में लोकतंत्र स्थापित नहीं कर पाएंगे। प्रमुख राजनीतिक दलों को नसीहत देते उन्होंने कहा कि बड़ी पार्टियां राजनीतिक संस्कृति को प्रभावित करती हैं। इनमें आंतरिक कुछ नहीं होता, बल्कि इसके असर बाह्य होते हैं। ऐसे में उन्हें जिम्मेदारी का अहसास होना चाहिए। कांग्रेस पर हमलावर होते सिन्हा ने कहा कि उसने लोकतंत्र को भाषा, क्षेत्र, जाति, धर्म और भ्रष्टाचार की बेडिय़ों में बांध कभी बढऩे नहीं दिया। सिन्हा ने कहा कि अल्पसंख्यक-बहुसंख्यक की राजनीति ने भी लोकतंत्र को कमजोर किया। जातिवाद व सांप्रदायिकता को भी उन्होंने लोकतंत्र के लिए चुनौती बताया। कहा कि सांस्कृतिक व सामाजिक आंदोलन ही इसकी अचूक दवा है।

कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे प्रदेश के मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने कहा कि विश्व संवाद केन्द्र देहरादून अपनी राष्ट्रवादी पत्रकारिता के माध्यम से समाज के मार्गदर्शन में अपनी महत्त्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। उन्होंने कहा कि उत्तराखण्ड के वीर जवान देश की सेवा में महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाते आ रहे हैं। उन्होंने कहा कि उत्तराखण्ड प्रत्येक परिस्थिति के लिए तैयार है। उन्होंने आगे कहा कि आज पूरा विश्व हमारे साथ खड़ा है। दुनिया की बड़ी से बड़ी शक्तियाँ भारत के साथ खड़ी हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारा देश बहुत तेजी से मजबूत हो रहा है। केन्द्र व राजय सरकार द्वारा महिलाओं और किसानों के विकास के लिए विभिन्न प्रकार की योजनाएं चलायी गयी हैं। केन्द्र की आयुष्मान भारत और राज्य सरकार की अटल आयुष्मान योजना के माध्यम से ईलाज कराना आसान हुआ है।

देश का मन बन रहा है कि पाकिस्तान को सबक सिखाया जाए। केंद्र सरकार दृढ़ता के साथ पाकिस्तान की हरकतों के खिलाफ खड़ी है। इसलिए विश्व भी भारत के साथ है। उन्होंने कहा कि देश के लिए बलिदान देने वालों में उत्तराखंड का हिस्सा 10 प्रतिशत से अधिक है। कारगिल के युद्ध में उत्तराखंड के 40 प्रतिशत सैनिक शहीद हुए थे।





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