ब्रिटेन सरकार ने बैंकों से 9,000 करोड़ रुपये से अधिक की धोखाधड़ी करने के बाद से लंदन में रह रहे भारतीय शराब कारोबारी विजय माल्या के भारत प्रत्यर्पण पर मंजूरी दे दी है. हालांकि, इस बीच माल्या ने इस प्रक्रिया के खिलाफ अपील करने का फैसला किया है.

ब्रिटेन के गृहमंत्री साजिद जाविद ने माल्या को भारत प्रत्यर्पित करने का आदेश दिया है, जिसके बाद विजय माल्या की यह प्रतिक्रिया आई है.

विजय माल्या ने ट्वीट कर कहा, ‘10 दिसंबर 2018 के वेस्टमिंस्टर मजिस्ट्रेट अदालत के फैसले के बाद मैंने अपील करने के अपने इरादे का जिक्र किया था. गृह मंत्री के फैसले से पहले मैं अपील की प्रक्रिया शुरू नहीं कर सकता था. अब मैं अपील की प्रक्रिया शुरू कर सकता हूं.’

ब्रिटिश गृह कार्यालय ने बताया कि धोखाधड़ी की साजिश रचने और मनी लॉन्ड्रिंग के आरोपों में गृह मंत्री ने माल्या के प्रत्यर्पण के आदेश दिए हैं. लंदन की वेस्टमिंस्टर मजिस्ट्रेट की अदालत ने 10 दिसंबर, 2018 को कहा था कि माल्या को भारतीय अदालतों के समक्ष जवाब देने होंगे. प्रत्यर्पण संधि की प्रक्रियाओं के तहत चीफ मजिस्ट्रेट का फैसला गृह मंत्री जाविद को भेजा गया था, क्योंकि सिर्फ गृह मंत्री ही माल्या के प्रत्यर्पण का आदेश देने के लिए अधिकृत हैं.
ब्रिटेन में पाकिस्तानी मूल के वरिष्ठतम मंत्री जाविद के कार्यालय ने सोमवार को इस बात की पुष्टि की कि सारे मामलों पर विचार करने के बाद मंत्री ने रविवार को माल्या के प्रत्यर्पण आदेश पर दस्तखत कर दिए.

गृह कार्यालय के एक प्रवक्ता ने बताया, ‘सभी प्रासंगिक मामलों पर विचार करने के बाद 3 फरवरी को मंत्री ने विजय माल्या को भारत प्रत्यर्पित करने के आदेश पर दस्तखत कर दिए.’

उन्होंने कहा, ‘विजय माल्या पर भारत में धोखाधड़ी की साजिश रचने, गलत जानकारी देने और मनी लॉन्ड्रिंग के आरोप हैं.’

माल्या के पास ब्रिटेन के हाईकोर्ट में अपील की इजाजत हासिल करने के लिए 4 फरवरी से 14 दिनों का समय है. माल्या ने ट्वीट में कहा कि वह अपने प्रत्यर्पण के आदेश के खिलाफ अपील की प्रक्रिया शुरू करेगा.





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