प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आवास पर मंगलवार को केंद्रीय मंत्रीमंडल की सुरक्षा समिति (सीसीएस) की बैठक खत्म. यह बैठक पाकिस्तान के इस दावे की खबरें सामने आने के मद्देनजर हो रही है, जिसमें कहा गया है कि भारतीय वायु सेना (आईएएफ) के विमानों ने नियंत्रण रेखा (एलओसी) पार की और पाकिस्तान में बम गिराने के बाद लौट गए.

मोदी की अध्यक्षता में जारी बैठक में केंद्रीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह, विदेश मंत्री सुषमा स्वराज, वित्त मंत्री अरुण जेटली, रक्षा मंत्री निर्मला सीतारमण, राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (एनएसे) अजीत डोभाल और सरकार के अन्य अधिकारी शामिल हैं.

इंटर-सर्विसेज पब्लिक रिलेशंस (आईएसपीआर) के महानिदेशक आसिफ गफूर ने मंगलवार तड़के एक ट्वीट में इस बात की पुष्टि की कि भारतीय वायुसेना के विमान पाकिस्तान एयरफोर्स (पीएएफ) द्वारा खदेड़े जाने पर जल्दबाजी में खैबर पख्तूनख्वा में बालाकोट के पास बम गिरा कर लौट गए.

रेडियो पाकिस्तान ने दावा किया कि कथित घटना मुजफ्फराबाद सेक्टर में हुई. पुलवामा में 14 फरवरी को सीआरपीएफ के काफिले पर हुए हमले के बाद यह घटनाक्रम सामने आया है. हमले में 40 जवान शहीद हो गए थे.

क्यों होती है सीसीएस मीटिंग

सुरक्षा स्थिति पर विचार विमर्श और दुश्मनों के खिलाफ रणनिति बनाने के लिए ये बैठक आयोजित की जाती है. इस मीटिंग में दुश्मनों को कैसे जवाब दे सकते हैं उसकी रणनीति बनाई जाती है. भारत सरकार की केंद्र सरकार की कैबिनेट कमेटी ऑन सिक्योरिटी (सीसीएस) देश की सुरक्षा को लेकर चर्चा, बहस करती है. जिसके बाद राष्ट्रीय सुरक्षा उपकरण, रक्षा नीति और सुरक्षा में खर्च को लेकर अंतिम निर्णय लिए जाते हैं. आपको बता दें, सीसीएस मीटिंग की अध्यक्षता भारत के प्रधानमंत्री करते हैं.





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