जीवन में कई बार हम कड़ी मेहनत के बाद भी सफलता प्राप्त नहीं कर पाते हैं. निराश जिंदगी और हताश दिल से हम निरंतर खुद को और अपनी किस्मत को कोसते रहते हैं. लेकिन कई बार हमारी छोटी-छोटी भूल और गलतियाँ जो हम जाने-अनजाने करते रहते हैं वह हमारे सौभाग्य को दुर्भाग्य में तब्दील कर देती हैं. अगर हम जीवन में कुछ आसान उपायों को अपनायें तो सौभाग्य को प्राप्त भी कर सकते हैं.

आइये जानते हैं धन प्राप्ति के 5 उपाय-:

लग्न राशि के ‘स्वामी ग्रह’ के रंग की कोई वस्तु साथ रखें

ज्योतिष के अनुसार हर व्यक्ति की एक चन्द्र राशि होती है और इसी तरह कुंडली में जन्म के समय से सम्बंधित एक लग्न राशि भी होती है. व्यक्ति के गुण और उसके व्यवहार को लग्न राशि काफी हद तक प्रभावित करती है. यदि आपके कार्य नहीं बन पा रहे हैं या आप आर्थिक रूप से तकलीफ में हैं तो अपनी लग्न राशि के ‘स्वामी ग्रह’ के अनुकूल रंग की कोई वस्तु अपने साथ जरूर रखें या स्वामी ग्रह के रंग से संबंधित कोई एक छोटा कपड़ा अपने साथ जरुर रखें.

उत्तर दिशा का कमरा और दक्षिण की दीवार

अक्सर हम अपने घर को वास्तु के हिसाब से अनुकूल नहीं बना पाते हैं. या तो हमें वास्तु का ज्ञान नहीं होता है या कई बार वास्तु पर विश्वास नहीं करते हैं. किन्तु एक बात याद रखें कि सभी दिशाओं से एक ना एक ग्रह संबंध रखता है और यही ग्रह नकारात्मक और सकारात्मक शक्तियों को अपनी तरफ आकर्षित करते हैं. घर की जिस दिशा में हम अपनी धन की अलमारी को रखते हैं, वह अलमारी, उत्तर दिशा के कमरे में दक्षिण की दीवार पर, अगर लगी हो तो यह, धन वृद्धि में लाभदायक साबित हो सकती है.

मुख्य द्वार की दाएं ओर रोजाना एक दीपक जलाया जाये

प्रातः सुबह लक्ष्मी की का पूजन घर में प्रतिदिन किया जाना चाहिए और सायंकाल को घर के मुख्य द्वार पर दायीं ओर एक घी का दीया जरूर जलाना चाहिए. इन दोनों कार्यों से धन के देवी लक्ष्मी जी प्रसन्न होकर व्यक्ति के पास ही रहती हैं.

घर के मुख्य द्वार पर गणेश जी का स्वरुप

गणेश भगवान जी के स्वरूप को घर के मुख्य द्वार पर लगाने से घर में धन सम्बंधित सभी समस्याओं का अंत होता है और घर में नकारात्मक शक्तियों का भी उदय नहीं हो पाता है.

घर में तुलसी जी का पौधा और गो माता को प्रतिदिन भोग

यदि आप कलयुग में निरंतर तुलसी जी की सेवा करते हैं और गो माता को प्रतिदिन भोग लगाते हैं तो ऐसा करने से धन की देवी लक्ष्मी जी सदैव आपके पास रहती हैं. यह दोनों कार्य एक विद्यार्थी, व्यवसायी, ग्रहणी और नौकरी-पेशे वाले व्यक्ति के लिए अति शुभ बताये गये हैं.





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