अब उत्तराखंड में भी छटा बिखेरेगा यूरोप को अपनी महक से महकाने वाला ट्यूलिप. उत्तराखंड की वन विभाग की रिसर्च विंग की ओर से इस सिलसिले में हल्द्वानी और मुनस्यारी में एक प्रयोग किया. जो सफल रहा है. हल्द्वानी में ट्यूलिप पर पाच रंग के फूल खिले हैं. 1500 से 2500 मीटर की ऊंचाई पर पाए जाने वाले इस फूल के हल्द्वानी जैसे अपेक्षाकृत गर्म वातावरण वाले स्थान में खिलने से वन महकमा खासा उत्साहित है और उसने अब वहा ट़यूलिप गार्डन बनाने की योजना बनाई है, ताकि यह यूरोप की भाति पर्यटकों के आकर्षण का केंद्र बन सके.

वन संरक्षक अनुसंधान वृत्त संजीव चतुर्वेदी कहते हैं कि देश में केवल जम्मू-कश्मीर में ही ट्यूलिप पाया जाता था, लेकिन अब उत्तराखंड में भी इसका प्रयोग सफल रहा है और वह इसे उगाने वाला दूसरा राज्य बन गया है. हल्द्वानी और उच्च हिमालय क्षेत्र मुनस्यारी इसका ट्रायल शुरू किया गया. हल्द्वानी की नर्सरी में 90 प्रतिशत अंकुरण हो गया है. यही नहीं अलग-अलग रंगों में ट्यूलिप के बल्ब मंगाए गए थे, उसमें सफेद समेत चार अलग-अलग रंगों वाले फूल खिल भी गए है.

ट्यूलिप का प्रयोग सफल रहने पर अब हल्द्वानी और मुनस्यारी में छोटे-छोटे स्तर के दो ट्यूलिप गार्डन तैयार किए जाएंगे. इसके बाद अनुसंधान सलाहकार समिति से अनुमोदन लिया जाएगा. धीरे-धीरे इस पहल को राज्य के अन्य क्षेत्रों में भी ले जाया जाएगा. ट्यूलिप की खेती से राज्य में रोजगार के नए अवसर खुलेंगे, साथ ही ट्यूलिप गार्डन से पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा.





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