पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने कोलकाता पुलिस आयुक्त राजीव कुमार से पूछताछ की सीबीआई की कोशिश के खिलाफ मंगलवार को अपना धरना खत्म कर दिया और अगले हफ्ते दिलजुटाने्ली जाकर विपक्षी दलों को का ऐलान किया. ममता ने पुलिस आयुक्त राजीव कुमार से पोंजी योजना घोटाले की जांच के सिलसिले में पूछताछ की सीबीआई की कोशिश के खिलाफ रविवार शाम धरना शुरू किया था. उन्होंने पुलिस आयुक्त के कार्यालय में सीबीआई अधिकारियों के जबरन घुसने के प्रयास की घटना को संघीय ढांचे पर केंद्र सरकार का प्रहार करार दिया है.

ममता ने ‘संविधान बचाओ’ धरना उस समय शुरू किया था, जब केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) के अधिकारियों की एक टीम लाउडन स्ट्रीट स्थित कोलकाता पुलिस आयुक्त के आवास के पास पहुंची, लेकिन राज्य पुलिस के जवान उन्हें वहां से दूर ले गए.

अपने धरना को ‘लोग, देश और लोकतंत्र’ की जीत बताते हुए ममता ने कहा कि सर्वोच्च न्यायालय का फैसला आने के बाद विपक्ष के वरिष्ठ नेताओं के आग्रह पर वह धरना खत्म कर रही हैं.

उन्होंेने कहा, “सभी विपक्षी पार्टियों के आग्रह पर मैंने धरना खत्म करने का फैसला लिया है. मुझे कोई दिक्कत नहीं है. मैं पहले भी यहां 26 दिन का अनशन कर चुकी हूं. मैं सिंगूर में 14 दिनों तक धरना दे चुकी हूं. लेकिन हमें कम से कम एक लोकतांत्रिक संस्थान से न्याय मिल गया है.”

ममता ने मंच पर आंध्र प्रदेश के अपने समकक्ष चंद्रबाबू नायडू की मौजूदगी में ऐलान किया, “यह धरना कोई राजनीतिक आंदोलन नहीं था. यह आंदोलन भारत और भारत के लोकतंत्र को बचाने के लिए था. आज हमने धरना खत्म कर दिया, क्योंकि सर्वोच्च न्यायालय ने बहुत सकारात्मक फैसला दिया है. यह लोगों का, लोगों द्वारा, लोगों के लिए फैसला है.”

शीर्ष न्यायालय ने मंगलवार को मामले की सुनवाई के बाद आदेश दिया कि राजीव कुमार से जांच एजेंसी पूछताछ कर सकती है, लेकिन उन्हें न तो गिरफ्तार कर सकती है, और न उन पर कोई जोर-जबरदस्ती कर सकती है.

ममता ने कहा कि जैसा कि फैसले में कहा गया है, संबंधित अधिकारी आपसी सहमति से तय जगह पर केंद्रीय एजेंसी से मिलने की पहल पहले ही कर चुके हैं.

उन्होंने कहा कि वह अगले हफ्ते दिल्ली में होने वाली विपक्षी दलों की बैठक में भाग लेंगी. बैठक 13-14 फरवरी को हो सकती है. तारीख अभी तय की जानी है.





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