महीने भर चली उठापटक के बाद आखिरकार शिवसेना, भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के साथ अपने गतिरोध को दूर करने में कामयाब रही, जो कि आगामी लोकसभा चुनाव के लिए चुनाव पूर्व गठबंधन का मार्ग प्रशस्त करेगा. इसके साथ ही संभावना है कि साल के अंत में होने वाले विधानसभा चुनावों में भी दोनों दल गठबंधन की तर्ज पर चुनाव लड़ेंगे.

पार्टी सूत्रों ने सोमवार को इस बात की जानकारी दी. शिवसेना के एक शीर्ष पदाधिकारी ने नाम न छापने की शर्त पर आईएएनएस को बताया, “अंतिम रूप दिया जा चुका है. भाजपा-शिवसेना के लिए लोकसभा में क्रमश 25-23 और विधानसभा में 50-50 का यह हमारा सीट बंटवारा प्रस्तावित फॉर्मूला है. हम शाम तक इस विवरण की औपचारिक घोषणा कर सकते हैं.”

मुख्यमंत्री पद की शिवसेना की मांग जैसे जटिल मुद्दे का समाधान अभी नहीं हुआ है हालांकि इस मुद्दे पर भाजपा ने कई विकल्प आगे किए हैं. यह 288 सदस्यीय विधानसभा में कौन कितनी सीटें हासिल करता है, इस पर निर्भर करेगा.

दोनों पार्टियां सोमवार शाम को एक संयुक्त संवाददाता सम्मेलन को संबोधित कर सकती हैं, जिसमें शिवसेना अध्यक्ष उद्धव ठाकरे और मुख्यमंत्री देवेंद्र फडण्वीस दोनों के मौजूद होने की उम्मीद है. इनके अलावा भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह भी उनमें शामिल हो सकते हैं.

दोनों पक्षों के जनता के बीच हफ्तों तक हठी रहने के बाद यह घटनाक्रम सामने आया है हालांकि दोनों पार्टियों के वरिष्ठ नेताओं के बीच गुप्त रूप से बातचीत चल रही थी.





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