कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी गुरुवार को गुजरात के धरमपुर में उसी लाल डूंगरी गांव से अपना 2019 का चुनाव अभियान शुरू करने जा रहे हैं जहां से 1980 में उनकी दादी इंदिरा गांधी, 1984 में उनके पिता राजीव गांधी और 2004 में उनकी मां सोनिया गांधी ने शुरू किया था.

पार्टी का मानना है कि लाल डूंगरी से चुनावी अभियान की शुरुआत शुभ होगी और ऐसा करने से केंद्र में उनकी सरकार बन सकती है. वहीं, इस दक्षिण गुजरात क्षेत्र के कई दूरदराज के गांव केवल कांग्रेस के पार्टी चिन्ह हाथ को पहचानते हैं और केवल पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी को याद करते हैं.

इस क्षेत्र से कांग्रेस का ऐतिहासिक महत्व जुड़ा है. इससे भलिभांति परिचित भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने राहुल की रैली से एक दिन पहले महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के साथ धरमपुर में बुधवार को ही 4,000 से अधिक पार्टी कार्यकर्ताओं के साथ पार्टी की एक क्लस्टर मीटिंग का आयोजन किया. बैठक में पार्टी की राज्य इकाई के प्रमुख जीतू वाघानी भी सम्मिलित हुए थे. कांग्रेस ने छह फरवरी को अपनी जन आक्रोश रैली की घोषणा कर दी थी.

अपनी गुरुवार की रैली में राहुल गांधी इस क्षेत्र में बुलेट ट्रेन के लिए किए गए भूमि अधिग्रहण का मुद्दा उठा सकते हैं क्योंकि इस परियोजना के कारण अपने उपजाऊ खेतों को खो रहे किसानों में केंद्र सरकार के खिलाफ नाराजगी है. यह मामला अब गुजरात उच्च न्यायालय में फैसले का इंतजार कर रहा है. सूत्रों का कहना है कि पार्टी राज्य को कितना महत्वपूर्ण मानती है, यह प्रदर्शित करने के लिए दक्षिण गुजरात में कांग्रेस वर्किं ग कमेटी (सीडब्ल्यूसी) की एक बैठक होने की भी संभावना है.





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