मध्य प्रदेश के पूर्व पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) ऋषि कुमार शुक्ला को केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) के निदेशक बनाए जाने पर कांग्रेस बौखलाई हुई है. कमलनाथ सरकार के मंत्री डॉ. गोविंद सिंह ने तो शुक्ला की क्षमताओं पर सवाल उठाते हुए उन्हें अक्षम अधिकारी बता दिया है.

डॉ. सिंह ने सोमवार को यहां संवाददाताओं से कहा, “शुक्ला के काल में राज्य में दलितों की हत्याएं हुईं, अन्य वगरें पर अत्याचार हुए. किसानों को प्रताड़ित किया गया. वे अक्षम थे इसीलिए राज्य सरकार ने उन्हें डीजीपी के पद से हटाकर पुलिस हाउसिंग का चेयरमैन बनाया गया था. केंद्र सरकार ने भ्रष्टाचार के मामलों को दबाने के लिए शुक्ला को सीबीआई का निदेशक बनाया है.”

डॉ. सिंह ने राज्य के व्यापम घोटाले और ई-टेंडरिंग घोटाले का जिक्र करते हुए कहा कि केंद्र सरकार इन मामलों को दबाना चाहती है. वहीं, दूसरी ओर भाजपा के प्रवक्ता रजनीश अग्रवाल ने राज्य सरकार के मंत्री के बयान पर आपत्ति दर्ज कराई है.

उन्होंने कहा, “सीबीआई निदेशक की नियुक्ति करने वाली समिति में सुप्रीमकोर्ट  के मुख्य न्यायाधीश भी होते हैं. इस तरह के सवाल उठाना व आरोप लगाना ठीक नहीं है.”

गौरतलब है कि ऋषि कुमार शुक्ला को मध्य प्रदेश में सत्ता परिवर्तन के बाद 30 जनवरी को डीजीपी के पद से हटाकर पुलिस हाउसिंग का चेयरमैन बनाया गया था. उसके बाद उन्हें सीबीआई का निदेशक बनाया गया है.





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