• नए भारत का सपना दिखाया गया है इस बजट में
  • इस बजट से देश के 12 करोड़ किसानों के परिवार होंगे लाभान्वित 
  • टैक्स का स्लैब बढ़ाने से कर्मचारियों और आम जनता को  मिलेगी राहत

देवभूमि मीडिया ब्यूरो 

देहरादून । मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने केंद्र सरकार के अंतरिम बजट को देश के भविष्य के विकास यात्रा का संकल्प बताया है। उनका कहना है कि बजट में नए भारत का सपना दिखाया गया है। उनका ये भी कहना है कि ये मजदूर, किसान और गरीब का बजट है, कर्मचारियों का बजट है।

सीएम रावत ने सचिवालय में पत्रकारों से बातचीत के दौरान उन्होंने कहा कि बजट में किसानों की आय को दोगुना करने का ठोस कदम उठाया गया है। किसानों को हर साल छह हजार रुपये सीधे खातों में मिलेगा। इससे देश के 12 करोड़ किसानों के परिवार लाभान्वित होंगे। उत्तराखंड के 92 प्रतिशत किसान लाभान्वित होंगे। उन्होंने कहा कि टैक्स का स्लैब बढ़ाने से कर्मचारियों और आम जनता को राहत मिलेगी।

यूपीए सरकार में महंगाई दर 10 प्रतिशत थी। जो अब छह प्रतिशत रह गई है। ये अब तक सबसे कम दर है। आयुष्मान भारत योजना से स्वास्थ्य के क्षेत्र में लाभ मिल है। मुख्यमंत्री ने बजट पर कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी की टिप्पणी पर कहा कि राहुल जितना किसानों को समझते हैं, उन्होंने उतनी ही बात कही है। उत्तराखंड को पीएम मोदी का विशेष आशीर्वाद मिला है। जो लोग कटाक्ष करते थे आज उनके मुंह पर ताले लगे हैं, आज ही 3400 करोड़ का कृषि में बजट मिला है। जनहित के कार्यों का लाभ मिलेगा।

  • सभी वर्गों का बजट में रखा गया ध्यान

उत्तराखंड विधानसभा अध्यक्ष प्रेमचंद अग्रवाल ने केंद्र सरकार के अंतरिम बजट पर खुशी जताते हुए कहा कि बजट में सभी वर्गों का ध्यान रखा गया है और जो वायदे केंद्र सरकार ने जनता से किए थे वो इसमें पूरे किए गए है। उन्होंने कहा कि इस असाधारण एवं अद्भुत बजट से देश के विकास को और तेजी मिलेगी। उन्‍होंने अंतरिम बजट को कल्याणकारी, ऐतिहासिक, क्रांतिकारी, सर्वांगीण विकास वाला बजट बताते हुए इसकी तारीफ की है और केंद्र सरकार खासकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एवं वित्त मंत्री पीयूष गोयल को इस संतुलित बजट के लिए बधाई दी है।

इस दौरान विधानसभा अध्यक्ष अग्रवाल ने कहा है कि केंद्र सरकार के अंतरिम बजट के दौरान वितमंत्री पीयूष गोयल ने सभी वर्गों का विशेष ख्याल रखा गया है, जिसमें किसानों, महिलाओं, सैनिकों, मध्यम वर्गीय ग्रामीणों और असंगठित मज़दूरों सहित सभी लोगों के हितों का ध्यान रखा गया है, जो सराहनीय है। उन्‍होंने कहा कि बजट हर वर्ग के लिए राहत देने वाला है। यह बजट शक्तिशाली, समृद्घशाली और गौरवशाली भारत की आधारशिला रखने वाला है। बजट में सुरक्षा क्षेत्र के अलावा शहरी, ग्रामीण विकास पर विशेष ध्यान दिया गया है। वित्त मंत्री ने हर वर्ग का ध्यान रखा है। साथ ही बजट में कर्मचारियों, किसानों और गरीबों को इससे राहत मिलेगी। उन्होंने कहा कि इससे आम आदमी को बहुत फायदा होगा और इसके अच्‍छे परिणाम जल्द ही दिखने शुरू हो जाएंगे।

उत्तराखंड विधानसभा अध्यक्ष ने कहा कि अंतरिम बजट में आयकर छूट की सीमा ढाई लाख से बढ़ाकर 5 लाख रुपये करने, ग्रेच्युटी की सीमा 10 लाख से बढ़ा कर 20 लाख करने, दो हेक्टेयर तक जमीन के हक वाले 12 करोड़ छोटे किसानों के खाते में हर साल 6000 रुपये की राशि दिए जाने एवं समय पर कर्ज लौटने वाले किसानों को तीन प्रतिशत तक कर्जमाफी, आपदा पीड़ित किसानों को ब्याज में 5 फीसद तक की छूट, गाय के संरक्षण के लिए 750 करोड़ के प्रावधान से कामधेनु योजना शुरू करने एवं पशुपालन ओर मत्स्य पालन के लिए किसानों को क्रेडिट कार्ड दिए जाने से सभी वर्गों को राहत मिलेगी।

विधानसभा अध्यक्ष ने कहा कि करोड़ों मजदूरों के लिए पेंशन योजना होने एवं 60 साल के मजदूरों को 3000 हजार पेंशन दिये जाने, मनरेगा के लिए 60 हजार करोड़ का आवंटन एवं सैनिकों के लिए वन रैंक वन पेंशन योजना लागू करने से देश के मज़दूरों एवं सैनिकों का विशेष ख्याल रखा गया है।

  •  इस बजट ने विकास की धारा से अंतिम व्यक्ति को जोड़ा है : प्रकाश पंत

वित्तमंत्री प्रकाश पंत का कहना है कि ये विजन 2030 का बजट रहा है। केंद्र सरकार ने अंतिम व्यक्ति को विकास की धारा से जोड़ने का काम किया है। साथ ही राष्टीय ग्रामीण मिशन में, शहरी पुनर्जागरण अभियान में बजट मिला है। उन्होंने कहा कि हिमालयी राज्यों के लिए विशेष प्रावधान किया गया है। यही नहीं बजट में रोजगार सृजन पर फोकस किया गया है।

  • लोकलुभावन और निराशाजनक है यह बजट : इंदिरा हृदयेश

अंतरिम बजट को लेकर नेता प्रतिपक्ष डॉ इंदिरा हृदयेशने कहा कि यह पूरी तरह लोकलुभावन बजट है। ठीक चुनाव से पहले किए गए वादे पूरी तरह निराधार हैं। मोदी सरकार ने 4 साल पहले जो वादे किए थे, उन पर कोई काम नहीं किया। किसानों को लेकर महज दिखावा किया गया है। आयुष्मान योजना, प्रधानमंत्री आवास योजना भी जनता के साथ धोखा है। उन्होंने कहा कि गठबंधन की सरकार आ रही है। जनता में इस सरकार के प्रति घोर निराशा है।

  • देश के वंचित और मध्यम वर्ग को राहत भरा है यह बजट: मदन कौशिक

शहरी विकास मंत्री और शासकीय प्रवक्ता मदन कौशिक ने केंद्र सरकार के बजट को देश का अब तक का सर्वश्रेष्ठ बजट बताया। उन्होंने कहा कि सरकार ने इस बजट में देश के वंचित और मध्यम वर्ग को तो राहत पहुंचायी है। साथ ही आम जनता को आयकर में बड़ी छूट देकर बड़ा काम किया है। बजट में किसानों और सर्वहारा वर्ग का भी पूरा ध्यान रखा गया है। कहा कि बजट की की जितनी भी तारीफ की जाए वह कम है इस बजट में विपक्ष को कुछ भी कहने का मौका नहीं दिया विपक्ष की तो बोलती ही बंद हो गई है।

  •  कुछ न कुछ सभी के लिए है इस बजट में : चेयरमैन, पीएचडी चैंबर ऑफ कॉमर्स

पंकज गुप्‍ता( चेयरमैन, पीएचडी चैंबर ऑफ कॉमर्स) का कहना है कि यह बजट डेवलपमेंट का ट्रांसफार्मर चेंज लाएगा। चाहे वह रुलर एग्रीकल्चर सेक्‍टर हो या एमएसई सेक्‍टर हो उन्‍हें संभालना की कोशिश की गई है। उन्होंने कहा, मैं इस बजट को अच्‍छा मानूंगा, क्‍योंकि इस बजट में सभी के लिए कुछ न कुछ किया गया है।

  • अंतिम अंतरिम बजट डूबती नैया को बचाने का जुमला मात्र : अशोक 

मोदी सरकार द्वारा पेश किया गया आज अंतिम अंतरिम बजट अगले चुनावों में अपनी डूबती नैया को बचाने का जुमला मात्र है। ये बात हरियाणा कांग्रेस के नेता अशोक बुवानीवाला ने बजट पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए कही। बुवानीवाला ने कहा कि बजट में वोट बटोरने लिए सपने तो दिखाऐ गए पर परन्तु ये नहीं बताया गया कि ये सपने पूरे कैसे होंगे। मोदी सरकार ने फसलों पर एमएसपी बढ़ाने के नाम पर किसानों को ठगने का आरोप लगाते हुए कांग्रेस नेता ने कहा कि 4 एकड़ भूमि के किसान से 6000 रूपए का वादा तो किया, लेकिन मोदी सरकार ने डीजल, खाद्य, बीज, कीटनाशक की कीमतें बढ़ाकर एवं कृषि उपकरणों पर जीएसटी लगाकर 4 एकड़ भूमि के स्वामित्व वाले किसान पर पहले ही लगभग 24000 रूपए तक का बोझ डाल रखा है।

कांग्रेस नेता ने कहा कि इस तरह 4 एकड़ भूमि वाले किसान से मोदी सरकार 24000 रूपए वसूलकर 6000 रूपए दे रही है। मतलब किसान से 18000 रूपए तो फिर वसूले जा रहे हैं। बुवानीवाला ने कहा कि राफेल घोटाला छिपाने के लिए देश की सुरक्षा के नाम पर हर रोज जनता को गुमराह करने वाले मोदी जी ने रक्षा बजट पर अपनी पीठ तो थपथपा ली लेकिन ये नहीं बताया कि वृद्धि मात्र 15000 करोड़ रूपए की है। क्योंकि रक्षा बजट पहले से ही 2.85 लाख करोड रूपए है, जिसे बढ़ाकर 3 लाख करोड़ किया है।

उन्होंने कहा कि असंगठित क्षेत्र के दस करोड़ श्रमिकों को 36000 रूपए सालाना पेंशन देने का एलान भी जुमला मात्र है। क्योंकि इस योजना का कुल बजट 3.60 लाख करोड़ रूपए है और पैसा आवंटित मात्र 500 करोड़ रूपए का किया गया है। बुवानीवाला ने कहा कि मोदी सरकार राजकोषीय घाटे के अपने लक्ष्य से फिर चूक गयी है। मोदी सरकार घोषणाएं तो रोज करती है लेकिन ये नहीं बताती पैसा कहा से आएगा।

उन्होंने कहा कि पिछले पांच साल से हर वर्ग के दु:ख दर्द को दरकिनार कर तानाशाही करने वाले मोदी जी अपनी सत्ता बचाने के लिए संसद पटल का इस्तेमाल करके लोक लुभावन घोषणाऐं कर रहे है जबकि सरकार महज चंद दिन की बची है। ये अंतरिम बजट किसी प्रकार के फैसले लेने के सैंविधानिक अधिकार नहीं रखता क्योंकि आम चुनावों के बाद आने वाली नई सरकार आम बजट पेश करके फैसले ले सकेगी।





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