• 17वीं बार की बर्फबारी ने तोड़ा मुनस्यारी में 47 साल का रिकॉर्ड

देवभूमि मीडिया ब्यूरो 

देहरादून : मौसम विज्ञान केंद्र ने देहरादून समेत छह पर्वतीय जिलों में बुधवार शाम से अगले 24 घंटों तक ओले की चेतावनी जारी की है। वहीं बुधवार रात से अगले 24 घंटों में उत्तरकाशी, चमोली, रुद्रप्रयाग, बागेश्वर तथा पिथौरागढ़ जनपदों के ऊंचाई वाले स्थानों में भारी से बहुत भारी हिमपात हो सकता है।

राज्य में एक बार फिर से पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय हो गया है। मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार अगले तीन दिनों तक राजधानी में धूप के दर्शन होना मुश्किल है। निदेशक बिक्रम सिंह ने बताया कि बुधवार से ऊंचाई वाले स्थानों में भारी हिमपात की चेतावनी जारी की गई है। 2500 मीटर की ऊंचाई तक हिमपात और बारिश होने की संभावना है। वहीं देहरादून, उत्तरकाशी, टिहरी, पौड़ी, नैनीताल, चंपावत और पिथौरागढ़ में बुधवार शाम से ओलावृष्टि की चेतावनी जारी की गई है। मौसम विज्ञान केंद्र के निदेशक बिक्रम सिंह ने बताया कि, जिन जिलों में ओलावृष्टि की चेतावनी जारी की गई है, वहां के जिला प्रशासन को सूचित कर दिया गया है।

  • मसूरी में 19 साल बाद हुई चौथी बार बर्फबारी

इस साल मार्च में भी मसूरी, चकराता और धनोल्टी समेत दो हजार तक की ऊंचाई वाले इलाकों में हिमपात होने की संभावना है। छह साल बाद फिर से भूमध्य सागर के ऊपर पश्चिमी विक्षोभ इस बार ज्यादा सक्रिय है। लिहाजा, 13 साल बाद मसूरी में मार्च में भी बर्फ पड़ने की संभावना है। जबकि 19 साल बाद इस बाद मसूरी में चौथी बार हिमपात हो चुका है। मौसम विज्ञान केंद्र ने गुरुवार को फिर से हिमपात होने की संभावना जताई है।

  • सर्दी के मौसम में हुई 17वीं बर्फबारी

मुनस्यारी में इस बार की सर्दी के मौसम में हुई 17वीं बर्फबारी ने 47 साल का रिकॉर्ड तोड़ दिया है। अब तक सबसे ज्यादा बर्फबारी साल 1972 में 16 बार हुई थी। इस बार न्यूनतम तापमान भी शून्य से 11 डिग्री नीचे तक पहुंचा है। मुनस्यारी में इस सीजन में दिसंबर 2018 से हो रही बर्फबारी फरवरी में भी जारी है। लगातार बर्फबारी से कई बार थल-मुनस्यारी मार्ग बंद होने से जनजीवन पटरी से उतर गया है। खलिया और नामिक में तो सात फुट तक बर्फ जमी हुई है, जबकि मुनस्यारी शहर में छह से आठ इंच तक बर्फ गिरी है।

यहां के बुजुर्ग लोगों का कहना है कि इतनी अधिक बर्फबारी उन्होंने आज तक नहीं देखी। यहां हर तीसरे दिन हो रही बर्फबारी से लोग हैरान हैं। हालात यह है कि मुनस्यारी के कई इलाकों में अभी तक बर्फ पिघल नहीं पाई है। बर्फबारी से न्यूनतम तापमान में भी काफी गिरावट दर्ज की गई। विगत 26 जनवरी को तो मुनस्यारी का न्यूनतम तापमान शून्य से नीचे रिकॉर्ड 11 डिग्री दर्ज किया गया था।

मल्ला जोहार विकास समिति के महासचिव लोक बहादुर सिंह समिति के कार्यालय में दर्ज आंकड़ों के अनुसार बताते हैं कि 1972 में मुनस्यारी में 16 बार हिमपात हुआ था। 47 साल बाद यहां इस बार 17वीं बार हिमपात हुआ है। 





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