शनिवार को मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने हरिद्वार में वैष्णव सम्प्रदाय के सर्वोच्च पद पर आसीन जगदगुरू रामानन्दाचार्य स्वामी हंसदेवाचार्य महाराज का अंतिम दर्शन कर उनकी अंतिम यात्रा में शामिल हुए. मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र ने उनकी अंत्येष्टि में शामिल होकर स्वामी हंसदेवाचार्य महाराज को श्रद्धांजलि अर्पित कर उनके ब्रह्मलीन होने पर गहरा दुःख व्यक्त किया.

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र ने कहा कि स्वामी हंसदेवाचार्य महाराज ने समाज को जोडने का कार्य किया. संत समाज में उनका उचित स्थान था. वे महान संत ही नही बल्कि सामाजिक कार्यकर्ता भी थे. धार्मिक कार्यों के साथ ही सामाजिक कार्यों में भी उनकी महत्वपूर्ण भागीदारी रही है.

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र ने जगदगुरू रामानन्दाचार्य स्वामी हंसदेवाचार्य महाराज को सनातन धर्म परम्परा का महान संत बताते हुए उनके निधन को आध्यात्म एवं धार्मिक जगत के लिये अपूर्णीय क्षति बताया है. उन्होंने दिवंगत आत्मा की शांति की प्रार्थना करते हुए उनके अनुयायियों के प्रति अपनी गहरी संवेदना व्यक्त की.

ज्ञातव्य है कि मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र की पहल पर स्वामी हंसदेवाचार्य महाराज की राजकीय सम्मान के साथ अंत्येष्टि की गयी.
इस अवसर पर हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर, हरिद्वार सांसद रमेश पोखरियाल निशंक, कैबिनेट मंत्री मदन कौशिक, पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने भी श्रद्धांजलि अर्पित की.





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