हरिद्धार : सोशल मीडिया पर हमेशा से एक्टिव रहने वाले पूर्व सीएम हरीश रावत अपने ही एक पोस्ट पर फंसते दिखे जिसके बाद उन्हें फेसबुक पोस्ट डिलीट करनी पड़ी. हरीश रावत के इस पोस्ट से मानों देश भर में खलबली मच गई. मामला खराब होता देख हरीश रावत ने तुरंत फेसबुक से पोस्ट को डिलीट कर दिया जिससे कहा जा सकता है पहले खुद आग लगाई और फिर देखा की आग अपनी ही ओर बढ़ रही है तो खुद आग बुझाने चल पड़े.

हरीश रावत की पोस्ट से देश भर में मची खलबली

जी हां कुछ ऐसा ही हुआ कल हरीश रावत के फेसबुक पोस्ट के बाद जिससे सोशल मीडिया सहित देशभर में खलबली मच गई. दरअसल हरीश रावत कांग्रेस पार्टी द्वारा लोकसभा चुनाव के लिए पैनल में नाम शामिल न करने से खफा है जिसके बाद कांग्रेस में रार और बढ़ गई और हरीश रावत ने फेसबुक पोस्ट के लिए बाहरी और भीतरी की परिभाषा देते हुए अपनी ही पार्टी के लोगों पर वार किया जिससे मामला खासा बिगड़ गया और हरीश रावत ने खुद की अपेक्षा होती देख फेसबुक पोस्ट को डिलीट कर दिया. हरीश रावत की इस पोस्ट से हरिद्वार ही नहीं बल्कि पूरे प्रदेश में इसको लेकर हल्ला मचा हुआ है।

पैनल में नाम न होने से खफा हरदा,सोशल मीडिया के जरिए निकाला गुस्सा

गौर हो की हरीश रावत लोकसभा चुनाव लड़ने के लिए प्रयासरत हैं. जिसके लिए उन्होंने भरी बारिश औऱ ठंड में कई रैलियां निकाली. मौसम का हवाला देते हुए जहां कांग्रेेसी घरों में दुबक गए ऐसे में हरीश रावत ही थे जो हाथ में छाता लिए सड़कों पर रैली निकाल रहे थे और साथ ही हरिद्वार में गन्ना किसानों के लिए हित के लिए रैली निकाली. ऐसे में हरीश रावत को धक्का तब लगा जब उनका नाम लोकसभा चुनाव में प्रत्याशी के तौर पर नहीं लिखा गया यानी की हरदा का नाम पैनल में शामिल नहीं किया गया.

ये की हरीश रावत ने फेसबुक पोस्ट- 

हरीश रावत ने फेसबुक पोस्ट के जरिए लिखा की आज कल एक प्यारी सी दिलचस्प बहस चल रही है…बाहरी कौन और भीतरी कौन? बाहरी वो है जो आपकी बकरी, भैंस, बैल का इलाज करवाए, आपका और आपके परिवार का इलाज करवाए, बीज व पौधे बांटे,गन्ने का पूरा भुगतान करें, 3 साल में 16 पुल बनवाए औऱ चमाचम सड़कें बनवाए, नदियों के बांधे बनवाए, अर्धकुंभ में कुंभ से ज्यादा काम करवाए,डिग्री कॉलेज, पॉलीटेक्निक कॉलेज, मडिकल कॉलेज आदि स्वीत करवाए.

वहीं हरीश रावत ने कहा कि भीतरी कौन जो सुशील, मूंछ, राठी को जानता हो,भाइयों और पड़ोसियों में मुकदमेबाजी करवाए फिर मध्यस्थ बने, जो गाली देकर बात करे,पार्टी के उम्मीदवारों के हराने के लिए किसी से भी मोलभाव करने का गुण रखता हो. परिभाषा ठीक है बाहरी और भीतरी की!

पूर्व सीएम हरीश रावत का हरिद्वार लोकसभा सीट पर सक्रिय 

यह बात सब जानते हैं कि पूर्व सीएम हरीश रावत का हरिद्वार लोकसभा सीट पर सक्रिय दिखाई दे रहे और बड़ा खेमा जिले में है, लेकिन राजनीतिक महत्वकांक्षा के चलते एक दूसरा खेमा टिकट पाने में पूर्व सीएम का रास्ता रोकने में जुटा है। वह खेमा खुद को संसदीय क्षेत्र का दावेदार मान रहा है और पूर्व सीएम को बाहरी करार देकर टिकट पाने की जुगत में जुटा है और वहीं पूर्व सीएम भी हरिद्वार में खासे सक्रिय हो चले हैं क्योंकि वे एक बार इस सीट का प्रतिनिधितत्व संसद में कर चुके हैं।

पोस्ट डिलीट करने के बाद हरीश रावत का बयान

वहीं पोस्ट डिलीट करने के बाद हरीश रावत ने बयान दिया कि मेरी पोस्ट कुछ सत्य और कुछ तथ्य की तरफ इशारा कर रही है बाकी हकीकत  सब जानते हैं इससे ज्यादा कुछ और नहीं कहना है। मैंने वही विकास कार्य गिनाए हैं जो वास्तव में कराए गए हैं जहां तक पोस्ट को हटाने का सवाल है कुछ तीर ऐसे होते हैं जो छोड़े जाते हैं और उसके बाद खुद ही तरकश में लौट आते हैं यह पोस्ट भी ऐसा ही तीर था।





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