• एक पूर्व मुख्य सचिव की तरफ आयोजनकर्ताओं का झगड़ा बढ़ाने का इशारा!
  • संस्था ने इस निर्णय के खिलाफ कोर्ट का दरवाजा खटखटाया  : रंजन

देवभूमि मीडिया ब्यूरो

जोशीमठ : कई वर्षों से औली की ढलानों पर बर्फ न पड़ने के बाद इस बार बर्फ तो जमकर पड़ी लेकिन यह बर्फ आयोजनकर्ताओं के बीच आयोजन को लेकर झगड़े के कारण पिघलने के बजाय और कड़ी होती नज़र आ रही है। चर्चा है कि सूबे एक पूर्व आईएएस अधिकारी के इशारे पर औली में मंगलवार से 28 फरवरी तक होने जा रही नेशनल अल्पाइन स्कींइग एवं स्नो बोर्डिंग प्रतियोगिताओं से ठीक पहले इंडियन ओलंपिक संघ ने विन्टर गेम्स एसोसिएशन ऑफ उत्तराखंड को भंग कर दिया है।  इसके साथ ही राज्य गठन के समय गठित और पिछले 19 सालों से सोये हुए उत्तरांचल ओलंपिक एसोसिएशन को औली में होने जा रही प्रतियोगिता की बागडोर सौंप दी है। इसके बाद नई और पुरानी संस्थाएं एक-दूसरे के खिलाफ मुखर हो गई हैं। विन्टर गेम्स एसोसिएशन ऑफ उत्तराखंड, इंडियन ओलंपिक एसोसिएशन के निर्णय के खिलाफ कोर्ट पहुंच चुका है।

नगर पालिका अध्यक्ष ने जताई नाराजगी जताते हुए कहा कि नेशनल खेल प्रतियोगिता के लिए प्रदेश सरकार स्तर पर गठित आयोजन कमेटी में पहली बार नगर पालिका जोशीमठ को स्थान नहीं दिया गया है। जबकि पिछले 25 वर्षों से प्रत्येक नेशनल खेलों के लिए बनने वाली कमेटी में नपा जोशीमठ अध्यक्ष को प्रतिनिधित्व दिया जाता रहा है। पालिका अध्यक्ष सरकारी उपेक्षा से नाराज हैं। 

वहीं ब्लॉक प्रमुख प्रकाश रावत ने कहा कि सूबे का एक पूर्व मुख्य सचिव औली को बरबाद करने की साजिश रच रहे हैं।  प्रकाश रावत ने बताया कि फेडरेशन ऑफ इंटरनेशनल स्कींइग जो कि नेशनल स्कींइग रेसों को मान्यता देती है के दिशानिर्देशन में विन्टर गेम्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया व उत्तराखंड का गठन हुआ है लेकिन पहली बार आईओए इन दोनो संस्थाओं को दरकिनार कर औली में खेलों के नाम पर घुसपैठ करवा रहा है। कहा कि यदि नगर पालिका अध्यक्ष समेत अन्य जनप्रतिनिधियों की उपेक्षा बंद ने हुई तो सीधी लड़ाई लड़ी जायेगी।

वहीं विन्टर गेम एसोसिएशन ऑफ उत्तराखंड के सचिव राकेश रंजन का कहना है कि उनकी संस्था आईओए के निर्णय के खिलाफ हाईकोर्ट पहुंच चुकी है। उन्होंने कहा उनकी संस्था को उत्तरांचल ओलंपिक संघ अवैध तरीके से सुपरसीट करने का प्रयास कर रही है। उन्होंने बताया कि औली में होने जा रही प्रतियोगिता के लिए उत्तराखंड पर्यटन विकास परिषद द्वारा गठित कमेटी से इतर उत्तरांचल ओलंपिक एसोसिएशन ने इन खेलों के लिए एक समान्तर कमेटी तक बना डाली है।

राकेश रंजन की मानें तो इन खेलों के लिए अभी तक तथाकथित आयोजन समिति ने जम्मू-कश्मीर, दिल्ली व हिमाचल की टीमों को ही अधिकारिक न्योता भेजा है। लेकिन उत्तराखंड की टीम को अभी तक निमंत्रण नहीं दिया गया है, इसलिए प्रदेश की टीम पर अभी तक संशय बना हुआ है। जिससे प्रदेश के खिलाड़ियों में जहाँ रोष व्याप्त है वहीं  वे खेल को लेकर अपने आपको हतोत्साहित महसूस कर रहे हैं।    





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