• पूर्व मुख्यमंत्रियों का आवास किराये को किया माफ 
  • मंत्रिमंडल ने कर्मचारियों को दी बढ़ी राहत 
  • पिछड़े सवर्णों के लिए एक फरवरी से भर्तियों में आरक्षण 
  • छोटे किसानों को कृषि और एग्रो प्रोसेसिंग पर ऋण 
  • महिला समूहों को पांच लाख रुपये का ब्याज मुक्त ऋण
देवभूमि मीडिया ब्यूरो 
देहरादून : उत्तराखंड मंत्रिमंडल ने कर्मचारियों, महिलाओं, किसानों और युवाओं के लिए कई योजनाओं को मंजूरी दी है। आंदोलित राज्य कर्मचारियों की कई लंबित मांगों पर मंत्रिमंडल ने मुहर लगा दी है। मंत्रिमंडल की बैठक में कर्मचारियों की भत्तों के आवास भत्तों में मुहर लगने के साथ ही बंद किए गए पांच भत्ते परिवार नियोजन, पुलिस से जुड़े तीन भत्ते, सचिवालय भत्ते को बहाल किया गया। वहीं राज्य सरकार आर्थिक रूप से पिछड़े सवर्णों को नौकरियों में 10 प्रतिशत आरक्षण के लिए जल्द ही अध्यादेश लाएगी। जबकि किसानों और महिला समूहों को लिए ऋण योजना के साथ माताओं के लिए आंचल अमृत योजना मंजूर हुई है। वहीं मंत्रिमंडल की बैठक में पूर्व मुख्यमंत्रियों का आवास किराये को माफ किया गया है। सुबह 11 बजे से शुरू हुई मंत्रिमंडल की बैठक दोपहर साढ़े तीन बजे समाप्त हुई। 
मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत की अध्यक्षता में शनिवार को हुई मंत्रिमंडल की बैठक में 28 बिंदुओं में से 27 पारित कर दिये गए। कैबिनेट ने 20 प्रतिशत राजस्व वृद्धि वाली नई आबकारी नीति पर कई संशोधन के सुझाव देकर स्थगित कर दिया। सरकार ने स्वास्थ्य में कैंसर के इलाज की सुविधा देने के लिए हल्द्वानी मेडिकल कालेज में कैंसर सेंटर खोलने को मंजूरी दी है। वहीं राज्य सरकार ने 152 पद सेंटर के लिए सृजित कर दिए हैं। इसके अलावा 11 फरवरी से शुरू होने वाले बजट सत्र में राज्यपाल के अभिभाषण और पेश होने वाले बजट को भी मंजूरी दे दी है। बैठक में दो मंत्री मदन कौशिक और अरविंद पांडेय मौजूद नहीं रहे। 

सरकार ने आंदोलित कर्मचारियों को आवास किराया भत्ता बढ़ा दिया। तीन श्रेणियों बी 2, सी और अवर्गीकृत क्षेत्रों में अब 5, 7 और 9 प्रतिशत एचआरए की जगह 8, 10 और 12 प्रतिशत मिलेगा। इससे सरकार पर 45 करोड़ मासिक का बोझ पड़ेगा। सरकारी आवासों पर फ्लैट रेंट में चार गुणा बढ़ोतरी को घटाकर दो गुणा कर दिया है। स्वैच्छिक परिवार नियोजन भत्ते और सचिवालय भत्ता बरकरार रखा है। पुलिस में सीआईडी, इंटेलिजेंस, एसटीएफ और सतर्कता को मिलने वाला प्रोत्साहन भत्ता दोबारा मिलेगा।  

सरकार ने आर्थिक रूप से पिछड़े सवर्णों के लिए 10 प्रतिशत आरक्षण को एक फरवरी से लागू करने का निर्णय लिया है। इसके लिए सरकार अध्यादेश लेकर आएगी। युवा पेशेवर और अंतशिक्षुता (इंटरनशिप) नीति को मंजूरी दे दी है। सरकारी कामकाज एवं कार्यों में संस्कृति विकसित की जाएगी। इसके अलावा दिव्यांग युवाओं को नौकरियों के लिए भरने वाले फार्म में अनुसूचित जाति एवं जनजाति के बराबर फीस देनी होगी। 
 
मंत्रिमंडल ने राज्य के छोटे किसानों को साधने के लिए दीन दयाल उपाध्याय किसान गरीब सीमांत कृषक एवं अकृषक योजना को मंजूरी दी है। यह ऋण अकृषक को भी मिल सकता है। बशर्ते ऋण का उपयोग कृषि और एग्रो प्रोसेसिंग से जुड़े स्वरोजगार के लिए हो। स्वदेशी नस्ल की गाय में सुधार के लिए सरकार कपकोट, बागेश्वर और गुरुड़ में कार्य शुरू होगा। कृषि उत्पाद मंडियों में फूलों पर लगने वाला उपकर समाप्त कर दिया है। 
सरकार ने महिलाओं में स्वरोजगार को बढ़ाना देने लिए महिला समूहों को पांच लाख रुपये का ब्याज मुक्त ऋण देने का फैसला लिया है। कोई भी महिला समूह चालू अथवा नए कार्य के लिए यह ऋण ले सकता है। बैठक में दो नई योजनाओं आंचल अमृत योजना को शुरू करने का निर्णय भी लिया गया। इसके तहत 3 से 6 वर्ष आयु के बच्चों को हर सप्ताह दो बार मिल्क पाउडर दिया जाएगा। सरकार माताओं को 45 मिल्क पाउडर के डब्बे देगी। 




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