देहरादून : मी-टू मामलें में फंसे भाजपा के पूर्व संगठन महामंत्री संजय कुमार के खिलाफ पुलिस कार्रवाई ना के बराबर होते दिख रही है…पीड़िता को अपना बयान दर्ज करा चुकी है लेकिन पुलिस इस मामले को लेकर ठंडी होती दिखाई दे रही है..।ऐसे में बड़ा सवाल सिर्फ यही उठ रहा है कि क्या पुलिस पर किसी तरह का राजनीतिक दबाव है? जिस कारण पुलिस कार्रवाही करने से डर रही है कि कही आरोप जांच में साहित हो गए तो पार्टी की बहुत किरकिरी होगी.

बता दें पीड़िता ने एसएसपी को मेल के जरिए सारी आपबीती सुनाई थी साथ ही वह अपने बयान पुलिस को दर्ज करा चुकी है औऱ पुलिस बताए गए घटनाक्रम वाले स्थानों में जाकर जांच पड़ताल भी कर चुकी है। बावजूद उसके पुलिस आरोपी बीजेपी नेता संजय कुमार से सही तरह से पूछताछ कर अब तक प्रभावी कारवाई नहीं कर सकी है। ऐसे में साफ तौर पर नजर आ रहा है कि पुलिस कीर तरह से दबाव में कार्य कर रही है।

उधर इस मामले में देहरादून एसएसपी निवेदिता कुकरेती का कहना है आरोप लगाने वाली महिला के पुलिस 161 व कोर्ट 164 वाले बयानों के आधार पर पुलिस जांच कर रही है. साथ ही पीड़िता के साथ हुए घटनाक्रम स्थलों से सभी तरह के तथ्य जुटाने में लगी है। एसएसपी का कहना हैं दोनों पक्षों की ओर से दिए गए बयानों को क्रॉस चेक किया जा रहा हैं। आरोपी नेता ने पहली पूछताछ के दौरान कुछ ब्यौरा मांगा गया हैं उसके आने के उपरांत ही आगे की पूछताछ की जाएगी।





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