• सीबीआई ने श्वेताभ सुमन के आवास पर 2005 में मारा था छापा
  • संपत्ति वाहन आदि सरकार के पक्ष में जब्त करने के आदेश
  • आरोपी की सभी संपत्ति भारत सरकार में पक्ष में अटेच किये जाने के निर्देश

देवभूमि मीडिया ब्यूरो 

देहरादून । आय से अधिक संपत्ति मामले में  आयकर अधिकारी श्वेताभ सुमन 1998 बैच (आईआरएस) को सीबीआइ कोर्ट ने ऐतिहासिक फैसला देते हुए और आरोपी को दोषी करार देते हुए सात साल की सजा और साथ ही साढ़े तीन करोड़ का अर्थदंड लगाया है । इतना ही न्यायालय ने  श्वेताभ सुमन की मां गुलाब देवी को भी एक साल की सज़ा सुनाते हुए श्वेताभ सुमन की संपत्ति वाहन आदि सरकार के पक्ष में जब्त करने के आदेश भी दिए हैं। वहीं आरोपी की सभी संपत्ति भारत सरकार में पक्ष में अटेच किये जाने के निर्देश भी दिए हैं।

गौरतलब है कि दो अगस्त 2005 को भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत सीबीआई ने आयकर अधिकारी श्वेताभ सुमन के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की थी। इसके बाद देशभर में श्वेताभ सुमन के 14 ठिकानों पर सीबीआइ ने छापा मारा था। इसमें देहरादून में तीन कोठियां, नोएडा में फ्लैट आदि मिले। मजेद्दार बात ये है कि श्वेताभ सुमन सभी बेनामी संपत्ति बनाई। इनका भुगतान हवाला के जरिऐ किया गया है।

सीबीआइ कोर्ट में अभियोजन पक्ष की ओर से 255 गवाह पेश किए गए, जबकि बचाव पक्ष की ओर से 8 गवाह पेश किए गए। बुधवार को सीबीआइ कोर्ट ने आय से अधिक संपत्ति मामले में श्‍वेताभ सुमन को दोषी करार दिया है।

गौरतलब हो कि आयकर अधिकारी श्वेताभ के देहरादून स्थित आवास पर अगस्त 2005 में सीबीआई ने छापा मारा था तथा आय से अधिक संपत्ति मामले में प्राथमिकी दर्ज की थी। तत्कालीन समय में वे वह अपर आयुक्त के तौर पर तैनात थे।





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