कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा ने यहां अपने दौरे के तीसरे दिन बुधवार को भी पार्टी नेताओं और कार्यकर्ताओं से मुलाकात की और उनके संसदीय क्षेत्रों की जानकारी मांगी. इसके साथ ही उन्होंने उनके क्षेत्रों में पार्टी संगठनों की स्थिति के बारे में ब्यौरा मांगा.

प्रियंका(47) को राजनीतिक रूप से महत्वपूर्ण पूर्वी यूपी की जिम्मेदारी दी गई है. उन्होंने बुधवार तड़के तक मॉल एवेन्यू कार्यालय में पार्टी के जमीनी कार्यकर्ताओं से मुलाकात की. उन्होंने पत्रकारों से कहा, “अब मैं पार्टी की संरचना और कार्यकर्ताओं से ‘जमीनी हकीकत’ समझने की कोशिश कर रही हूं और ‘उनसे बहुत कुछ सीख रही हूं.”

उन्होंने कहा कि ध्यान इस बात पर केंद्रित है कि कैसे लोकसभा चुनाव लड़ना है, ताकि पार्टी पिछले चुनाव के मुकाबले अपनी सीटों की संख्या में इजाफा कर सके. पार्टी को 2014 में यहां केवल दो सीटें प्राप्त हुई थीं. जयपुर से लौटने के बाद, प्रियंका ने मंगलवार अपराह्न् से बैठकें शुरू की, जोकि बुधवार तड़के तक जारी रही. जयपुर में उनके पति रॉबर्ट वाड़ा से प्रवर्तन निदेशालय पूछताछ कर रहा है.

समाजवादी पार्टी (सपा) और बहुजन समाज पार्टी(बसपा) के बीच गठबंधन होने के बाद, कांग्रेस उत्तर प्रदेश में खुद के दम पर लोकसभा चुनाव लड़ने के लिए तैयार है. पार्टी के एक नेता ने मीडिया से कहा, “शुरुआत में आठ लोकसभा क्षेत्रों को कवर करने के बाद प्रियंका ने छह लोकसभा सीटों के कार्यकर्ताओं और पार्टी के जिला अध्यक्षों से बातचीत की.”

सभी संसदीय क्षेत्रों की विस्तृत जानकारी लेने के अलावा, प्रियंका ने कार्यकर्ताओं से उनके बूथ नंबरों, मतदाताओं की ताकत और सोशल मीडिया कनेक्टिविटी की जानकारी मांगी. एक कार्यकर्ता ने कहा, “हमसे पूछा गया कि क्या हमारे पास फेसबुक खाता है और क्या हम ट्विटर पर सक्रिय हैं. हमें एक फार्म भरने और जमा करने के लिए दिया गया.”

प्रियंका से बुधवार को मुलाकात करने वालों में फैजाबाद, बस्ती, अंबेडकर नगर के पार्टी कार्यकर्ता और नेता शामिल थे. इसके अलावा अन्य जिलों के कार्यकर्ता उनसे बाद में संवाद करेंगे. एक अन्य कक्ष में, पार्टी के दूसरे महासचिव ज्योदिरादित्य सिंधिया, जिन्हें पश्चिमी उत्तर प्रदेश का प्रभारी बनाया गया है, ने भी पार्टी कार्यकर्ताओं और नेताओं से मुलाकात की.





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